सीट बेल्ट की अहमियत साबित करती है ये कार हादसे की घटना
Seatbelt Saves Life: मध्य प्रदेश से होकर गुजरने वाले इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कयड़ावद हनुमान मंदिर के पास तेज रफ्तार कार का टायर अचानक फट गया, जिससे कार अनियंत्रित होकर सडक़ पर पलट गई। कार में सवार दंपती और उनके दो छोटे बच्चे इस हादसे में बाल-बाल बच गए। राहत की बात ये रही कि, चारों ने सीट बेल्ट लगा रखी थी, जिससे किसी को खरोंच तक नहीं आई।
जानकारी के अनुसार, इंदौर निवासी संतोष मोहंती अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ कार (एमपी 09 डब्ल्यूएफ 9263) से भरूच जा रहे थे। शुक्रवार सुबह करीब 11.30 बजे जैसे ही उनकी कार कयड़ावद हनुमान मंदिर के पास पहुंची, तभी अचानक तेज धमाके के साथ टायर फट गया। तेज रफ्तार होने के कारण कार संतुलन खो बैठी और सडक़ पर पलट गई। हादसे का दृश्य देखकर आसपास के लोग स्तब्ध रह गए। कार की हालत देखकर ऐसा लग रहा था कि अंदर बैठे लोगों को गंभीर चोटें आई होंगी, लेकिन सीट बेल्ट की वजह से परिवार पूरी तरह सुरक्षित बच गया।
घटना की सूचना मिलते ही ट्रैफिक प्रभारी कमल मिंदल और उपनिरीक्षक लोकेंद्र खेड़े अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने कार में सवार चारों सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला और पास के एक रेस्टोरेंट में बैठाकर प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करवाई। सदमे में आए परिवार को चाय-नाश्ता कराकर संभाला गया। इसके बाद क्रेन बुलवाकर क्षतिग्रस्त कार को इंदौर भिजवाया गया और परिवार को दूसरे वाहन से सुरक्षित भरूच रवाना किया गया।
एक्सपर्ट व्यू…सीट बेल्ट इसलिए जीवन रक्षक
झाबुआ ट्रैफिक डीएसपी कमलेश शर्मा के अनुसार, सीट बेल्ट केवल चालान से बचने का साधन नहीं, बल्कि जीवन रक्षक सुरक्षा कवच है। हादसे के समय शरीर के केबिन में इधर-उधर टकराने की स्थिति को सीट बेल्ट रोकती है। आधुनिक कारों में एयरबैग भी तभी सही तरीके से काम करते हैं, जब यात्री ने सीट बेल्ट पहनी हो। कार पलटने की स्थिति में दरवाजे खुलने पर बेल्ट नहीं होने से यात्री बाहर गिर सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।

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