घर की खुदाई में मिला 29 तोप के गोलों का जखीरा, मचा हड़कंप
मुसाफिरखाना: अमेठी जिले के मुसाफिरखाना क्षेत्र स्थित भनौली गांव में घर के निर्माण के लिए टैंक की खुदाई के दौरान मिले धातु के गोलों की बुधवार को पुरातत्व विभाग की टीम ने आधिकारिक जांच की। सहायक पुरातत्व अधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रथमदृष्टया इन्हें तोप के गोले करार दिया है।
पुरातत्व विभाग की जांच और शुरुआती निष्कर्ष
सहायक पुरातत्व अधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने बारीकी से निरीक्षण करने के बाद बताया कि इन गोलों की परिधि करीब 60 सेंटीमीटर और ऊंचाई लगभग 20 सेंटीमीटर है। इनके ऊपरी हिस्से में फ्यूज होल और हरे रंग की प्लेटिंग दिखाई दे रही है। इन सभी विशेषताओं के आधार पर इनके करीब 70 से 80 वर्ष पुराने होने की संभावना जताई जा रही है।
जमीन में दबाए जाने को लेकर आशंका
विशेषज्ञों के अनुसार, इन गोलों को निष्क्रिय करने के उद्देश्य से किसी अन्य स्थान से लाकर यहां जमीन के भीतर दबाया गया हो सकता है। हालांकि, इन्हें मूल रूप से किस स्थान से लाया गया था और किस समयावधि में इन्हें यहां दफनाया गया, इसकी पुख्ता जानकारी विस्तृत वैज्ञानिक और ऐतिहासिक जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
प्रशासनिक मुस्तैदी और सुरक्षा इंतजाम
मंगलवार को इन गोलों के मिलने के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और तहसील प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर इन्हें अपने कब्जे में ले लिया था। सुरक्षा के मद्देनजर घटनास्थल को पूरी तरह सीज कर वहां पुलिस बल तैनात किया गया था। बुधवार को पुरातत्व टीम की जांच के दौरान एसडीएम नितेश राज, सीओ अतुल सिंह और थाना प्रभारी विवेक कुमार सिंह सहित कई प्रमुख अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अब सभी की निगाहें विस्तृत जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इन गोलों के इतिहास से पर्दा उठ सकेगा।

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