रजिस्ट्रेशन हुए दोगुने, फिर भी Ola Electric के शेयर को लगा 2% का झटका
बेंगलुरु। प्रमुख इलेक्ट्रिक टूव्हीलर निर्माता कंपनी ओला इलेक्ट्रिक के लिए चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही बेहद शानदार साबित हुई है। मजबूत मांग, उत्पादों की बाजार में बेहतर उपलब्धता और दमदार खुदरा बिक्री के दम पर कंपनी के वाहनों के पंजीकरण में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। अप्रैल से जून की अवधि के दौरान कंपनी के वाहनों का रजिस्ट्रेशन लगभग दोगुना बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिससे बाजार में कंपनी की स्थिति और मजबूत हुई है।
पहली तिमाही में वाहन रजिस्ट्रेशन में रिकॉर्ड उछाल
एक्सचेंज फाइलिंग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही में ओला इलेक्ट्रिक के वाहनों का कुल पंजीकरण बढ़कर 43,719 यूनिट पर पहुंच गया। यह आंकड़ा पिछली तिमाही यानी जनवरी-मार्च अवधि के 22,252 यूनिट के मुकाबले तकरीबन दोगुना है। अकेले जून के महीने में कंपनी ने 16,144 टूव्हीलर्स का रजिस्ट्रेशन कराया है, जो हाल की तिमाहियों में कंपनी का सबसे बड़ा मासिक रिकॉर्ड है। कंपनी के प्रवक्ताओं के मुताबिक, यह लगातार बनी हुई रफ्तार उनके बेहतर ऑपरेशंस, मजबूत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और ग्राहकों के भरोसे का सीधा परिणाम है। कंपनी को उम्मीद है कि भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग आगे भी इसी तरह तेजी से बढ़ती रहेगी।
सकारात्मक नतीजों के बीच शेयर बाजार में गिरावट
इस बेहतरीन और सकारात्मक व्यावसायिक अपडेट के बाद भी शेयर बाजार में ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों को लेकर आज कुछ सुस्ती देखी गई। दिन के कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर करीब 2 प्रतिशत तक नीचे फिसल गया और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 44.14 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गया। इस गिरावट के बावजूद कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (बाजार पूंजीकरण) 20,400 करोड़ रुपये से अधिक बना हुआ है। पिछले तीन महीनों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो इस शेयर ने निवेशकों को लगभग 56 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया है।
कंपनी के घाटे में आई बड़ी कमी
वित्तीय मोर्चे पर कंपनी के लिए एक और राहत की खबर रही है। जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान ओला इलेक्ट्रिक का शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर करीब 42.5 प्रतिशत तक कम हो गया है। अब यह घाटा घटकर 500 करोड़ रुपये रह गया है, जो कि इससे पिछले वर्ष की समान अवधि में 870 करोड़ रुपये के स्तर पर था। हालांकि, इस दौरान ऑपरेशंस से होने वाला कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की मार्च तिमाही के 611 करोड़ रुपये के मुकाबले कम होकर 56.6 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, लेकिन कंपनी ने अपने खर्चों को भी 1,306 करोड़ रुपये से घटाकर 546 करोड़ रुपये पर लाने में सफलता पाई है।
अगस्त 2024 में हुई थी सफल लिस्टिंग
आपको बता दें कि ओला इलेक्ट्रिक ने अगस्त 2024 में भारतीय शेयर बाजारों में कदम रखा था। कंपनी का शुरुआती सार्वजनिक प्रस्ताव यानी आईपीओ (IPO) 6,145.56 करोड़ रुपये का रहा था, जिसे निवेशकों की ओर से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। ₹10 की फेस वैल्यू वाला यह शेयर वर्तमान में बीएसई 500 इंडेक्स का एक प्रमुख हिस्सा है और भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में इलेक्ट्रिक क्रांति का नेतृत्व कर रहा है।

Inactive Bank Account Money Claim: 10 साल पुराने बंद बैंक खाते का पैसा भी मिलेगा वापस, RBI ने बताई आसान प्रक्रिया
Betul Patwari Sangh Election: बैतूल पटवारी संघ चुनाव: 11 दावेदारों ने ठोकी ताल, आज होगा नए अध्यक्ष का फैसला
Betul Rain Alert: बैतूल में बारिश ने पकड़ी रफ्तार, चिचोली सबसे आगे, आज अति भारी बारिश का अलर्ट
Border Police Coordination: सीमावर्ती जिलों में अपराध पर लगेगा ब्रेक, एमपी और महाराष्ट्र पुलिस ने लिया बड़ा फैसला
राशिफल 05 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
हर्ष फायरिंग की कीमत: जश्न की गोली ने ली जान, BJP विधायक को मिली सजा