Forest fire drone monitoring: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। ड्रोन का उपयोग कई क्षेत्रों में हो रहा है। अब इसकी उपयोगिता को देखते हुए वन विभाग ने भी इसका उपयोग शुरू कर दिया है। विभाग द्वारा ड्रोन का उपयोग जंगल की आग पर नजर रखने के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा बेशकीमती जंगल को बचाने अन्य कदम भी उठाए जा रहे हैं। 

गर्मी के मौसम में जंगल में आग लगने की घटनाएं आए दिन होती है। कहीं-कहीं आग इतनी भयंकर रूप ले लेती है कि इससे भारी नुकसान होता है। कई बार जंगल में लगने वाली आग की सूचना ही तब मिलती है जब भारी नुकसान हो चुका होता है। हालांकि पिछले कुछ सालों से सेटेलाइट से आग पर नजर रखी जा रही है। कहीं आग लगने पर भोपाल कंट्रोल रूम से संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट मैसेज आ जाता है। अब स्थानीय स्तर पर भी आग पर नजर रखने के लिए वन विभाग द्वारा ड्रोन का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। पश्चिम वन मंडल में इस साल इसके लिए एक ड्रोन का नियमित इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा दक्षिण और उत्तर वन मंडल में भी ड्रोन का उपयोग किए जाने की बात कही जा रही है। 

पश्चिम वन मंडल के डीएफओ एलके वासनिक बताते हैं कि आग पर नजर रखने के लिए ड्रोन का उपयोग पहली बार किया जा रहा है। समितियों के जरिए फायर वॉचर भी रखे गए हैं। 3 वॉच टॉवर भी बनाए गए हैं। लाइन कटाई-जलाई भी की जा रही है। ग्रामीणों को भी इसे लेकर जागरूक किया जा रहा है। वहीं सैटेलाइट से रखी जाने वाली निगरानी पूर्ववत जारी रहेगी। विभाग द्वारा कोशिश की जा रही है कि आग लगे ही नहीं, यदि लगे भी तो उस पर तुरंत काबू पा लिया जाएं ताकि जंगल को कम नुकसान हो।