दलितों की आवाज बने कांग्रेस नेता करण मुरली मोरवाल
कांग्रेस नेता करण मुरली मोरवाल ने क्यों बदला सोशल मीडिया पर अपना Bio ?

उज्जैन। कांग्रेस नेता करण मुरली मोरवाल ने सोशल मीडिया पर अपना Bio बदल लिया। पूर्व अध्यक्ष जिला युवा कांग्रेस की जगह Bio में लिखा है, एक ही नारा, एक ही काम ओबीसी, एससी, एसटी, अल्पसंख्यक, दलित, शोषित, वंचित, गरीब-गुरबा और मध्यमवर्गीयों के नाम।
इससे यह तो साफ होता दिख रहा है कि बड़नगर विधानसभा और आसपास के जिलों में आने वाले समय में राजनीतिक मुद्दों के अलावा जातिगत, दलित, शोषित, वंचित जैसे मुद्दों पर बहस होगी।
सोशल मीडिया पर करण मुरली मोरवाल का एक ओर वीडियो वायरल हो रहा है, जो भाटपचलाना थाने के अंदर जाते दिख रहा हैं। थाने के अंदर मोरवाल और पुलिस दोनों के बीच वीडियो में चर्चा करते दिख रहा है। उसके बाद वह एक खास व्यक्ति को पुलिस स्टेशन से छुड़ा लाते हैं। बीते कुछ दिनों पहले भी मोरवाल ने एक स्कूल के घेराव में प्रशासन को चेतावनी दी थी और SDM को बुलाने की बात कही थी। इससे पहले भी करण मुरली मोरवाल की लाउडस्पीकर के द्वारा एक पुलिस अधिकारी से बहस हुई थी।
करण मोरवाल से दूरभाष पर सवाल पूछने पर बताया कि मैं ओबीसी, एसटी, एससी, अल्पसंख्यक, दलित, वंचित, शोषित के अधिकारों के लिए कार्य कर रहा हूं। प्रशासन और पुलिस से विवाद जैसी कोई बात ही नहीं हैं। वीडियो वायरल होने पर मोरवाल ने कहां की यह अपनी-अपनी लोकप्रियता का पैमाना है। युवा नेता ने हर सवाल का जवाब बड़ी सफाई से दिया पर उनका नाता हमेशा धरना-आंदोलन में विवादों में रहा है। चाहे वह पटवारी से बात करने का ऑडियो ही क्यों ना हो ? ज्ञात रहे करण मोरवाल के पिता मुरली मोरवाल बड़नगर विधानसभा से कांग्रेस के विधायक रहें हैं और राजनीतिक व सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय है।

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