नारंगी नदी पुल का स्लैब ढहा, NH-30 पर खतरा मंडराया, पहले भी सामने आ चुकी हैं खामियां
कोण्डागांव जिला मुख्यालय से लगे नारंगी नदी पर बने ब्रीच में एक बार फिर गंभीर निर्माण दोष उजागर हुए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर स्थित इस पुलिया के स्लैब अब नीचे की ओर झड़ने लगे हैं, जिससे भविष्य में सड़क यातायात बाधित होने की आशंका गहराने लगी है। स्थानीय मजदूरों की नजर जब ढहते स्लैब पर पड़ी, तो उन्होंने इसकी सूचना टीम को दी।
साइड वॉल में खिसकाव जैसी समस्याएं
टीम ने मौके पर पहुंचकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया और संबंधित विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी इस पुलिया में दरारें, जल निकासी में रुकावट और साइड वॉल में खिसकाव जैसी समस्याएं सामने आ चुकी हैं, इन खामियों को पूर्व में प्रमुखता से उजागर किया था, जिसके बाद विभाग द्वारा मरम्मत कार्य किया गया था।
एनएच-30 पर बार-बार निर्माण खामियां, अब फिर खतरे के संकेत
बस्तर की लाइफलाइन कहे जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर स्थित यह पुलिया करीब 10 वर्ष पहले तैयार की गई थी। परंतु अब तक कई बार निर्माण दोष और मरमत की जरूरत महसूस की जा चुकी है। इस बार स्लैब का नीचे धंसना, पुल की गुणवत्ता और संरचनात्मक मजबूती पर फिर सवाल खड़े करता है।
विभागीय प्रतिक्रिया
प्रज्ञा नंद, ईई, राष्ट्रीय राजमार्ग: टीम को भेजकर स्थल का निरीक्षण कराया जाएगा। यदि खामी पाई गई तो आवश्यक कार्रवाई तुरंत की जाएगी।
समय रहते इंजीनियरिंग निरीक्षण किया जाए, स्लैब की मजबूती सुनिश्चित की जाए, ब्रीच पर ट्रैफिक का भार नियंत्रित किया जाए, दीर्घकालिक समाधान हेतु गुणवत्ता पुन: जांची जाए।

Betul Collector Action: कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई: लापरवाही पर पटवारी पर गिरेगी निलंबन की गाज, रीडर की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश
Betul Encroachment Drive: शहर से हटाया जाएगा अवैध अतिक्रमण, विशेष अतिक्रमण दस्ता गठित, शुरू होगी मुहिम
Betul property tax increase: अब ज्यादा हल्की होगी जेब, बैतूल में संपत्ति कर 10% बढ़ा, हंगामे के बीच परिषद बैठक में बड़ा फैसला
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (1 अप्रैल 2026 )
प्रदेश की लाइफलाइन हुई सशक्त: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी
एपिस्टीन सेक्स कांड: प्रभावित पीड़ितों को बैंक देगा 686 करोड़ रुपये का मुआवजा