लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक कांशीराम के आगामी 9 अक्टूबर को होने वाले परिनिर्वाण दिवस पर राजधानी लखनऊ स्थित कांशीराम स्मारक स्थल पर एक भव्य महारैली का आयोजन किया जाएगा। आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी इस आयोजन को अपने बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रही है। पार्टी नेतृत्व ने सभी संभावित उम्मीदवारों को अपनी ताकत दिखाने और अधिक से अधिक समर्थकों के साथ इस रैली में जुटने की कड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। आंतरिक सूत्रों के अनुसार, इस रैली में बेहतरीन भीड़ जुटाने वाले दावेदारों के टिकट पर पार्टी मुहर लगा सकती है।

रैली की तैयारियां और मायावती का मार्गदर्शन

इस महारैली की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए आने वाले सप्ताह में प्रदेश स्तर के सभी पदाधिकारियों की एक अहम बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में बसपा सुप्रीमो मायावती खुद शामिल होकर पार्टी नेताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश देंगी। पिछले साल 9 अक्टूबर को आयोजित रैली में उमड़ी भारी भीड़ से संगठन में नया जोश भर गया था। खास बात यह है कि पिछले साल इसी मंच से मायावती ने आगामी चुनाव अपने दम पर अकेले लड़ने का बड़ा ऐलान किया था।

दस लाख से अधिक समर्थकों के जुटने का अनुमान

इस बार भी कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति और एक मजबूत संगठनात्मक संदेश मिलने की पूरी संभावना है। पार्टी का दावा है कि इस महारैली में 10 लाख से अधिक लोग शामिल होंगे। लखनऊ के अलावा उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। बसपा का मानना है कि यदि इस रैली में अपेक्षित जनसमूह उमड़ता है, तो चुनाव से ठीक पहले पार्टी के पक्ष में एक मजबूत राजनीतिक माहौल बनाने में यह मील का पत्थर साबित होगी।