Betul CMHO Tender Irregularities: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। स्वास्थ्य विभाग के ग्रुप-डी पदों पर भर्ती करने में अनियमितता बरतने आरोप पत्र का सामना कर रहे बैतूल सीएमएचओ के कार्यालय में मेन पॉवर सफाई कर्मचारियों, सुरक्षा गार्ड भर्ती के साथ ही वाहनों के टेंडर प्रक्रिया में भी गंभीर गड़बड़ी की गई है। २०२४ में किए गए इन टेंडरों में कलेक्टर की अध्यक्षता वाली जिला स्वास्थ्य समिति के अनुमोदन के बिना एक साल टेंडर अवधि बढ़ा दी गई है। इतना ही नहीं वाहनों के टेंडर भी पिछले दो साल से एक ही फर्म को देकर करोड़ों रूपए की वित्तीय अनियमितता की गई है। इसके साथ ही जिला अस्पताल में लांड्री, किचन और बायो वेस्ट मटेरियल के टेंडर में भी अनियमितता की खबर है। यदि इनकी बारीकी से निष्पक्ष जांच की जाए तो सीएमएचओ के साथ ही कार्यालय में पदस्थ लेखा अधिकारी की गंभीर धांधली उजागर हो सकती है।

दो साल पहले दिया था एक वर्ष का कार्यादेश

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय बैतूल द्वारा ज्यूस इंटरप्राइजेस भोपाल को १ अगस्त २०२४ को जारी कार्यादेश में जिले के समस्त १० विकासखंडों की स्वास्थ्य संस्थाओं हेतु साफ-सफाई सुरक्षा और मेन पॉवर एक वर्ष तक देने अनुबंध किया था। इसमें अनुबंध अवधि १ अगस्त २०२४ से ३१ जुलाई २०२५ एक वर्ष के लिए दिया था। इस कार्यादेश में सभी दस सीएचसी और १० पीएचसी में कुल ६३ फुल टाइम सफाई कर्मचारी के साथ ही ३० सुरक्षा कर्मचारी ३८ डाटा एंट्री ऑपरेटर, २४ एनआरसी सपोर्ट स्टॉफ और ८ फुल टाइम अन्य सपोर्ट स्टाफ की भर्ती करने अनुबंध किया था। इस कार्यादेश के अनुसार उपरोक्त सभी १०० सफाई कर्मचारी, ३० सुरक्षा कर्मचारी और ७० मेन पॉवर (डाटा एंट्री ऑपरेटर, एनआरसी और अन्य सपोर्ट स्टॉफ) की नियुक्ति ३१ जुलाई २०२५ को समाप्त हो जानी थी।

बिना टेंडर बढ़ाए किया एक साल काम

स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन सभी कर्मियों से वर्तमान में भी कार्य लिया जा रहा है। इनके टेंडर बढ़ाने की प्रक्रिया नहीं की गई। स्वास्थ्य विभाग नियमों के अनुसार कलेक्टर की अध्यक्षता वाली जिला स्वास्थ्य समिति के अनुमोदन पश्चात इनका टेंडर ६-६ माह के लिए दो बार बढ़ाया जा सकता था, लेकिन सीएमएचओ एवं लेखा अधिकारी द्वारा बिना टेंडर बढ़ाए पिछले एक साल से इन्हें काम पर रखा गया है और मानदेय भी दिया जा रहा है जो गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आता है।

११ माह से बिना अनुमोदन के चल रहे २५ वाहन

सिर्फ कर्मचारियों की भर्ती ही नहीं किराए के वाहन भी पिछले लगभग ११ माह से जिला स्वास्थ्य समिति के अनुमोदन के बिना ही चल रहे हैं। सीएमएचओ द्वारा मेसर्स आयुषी टूर एंड ट्रेवल्स भोपाल को वित्तीय वर्ष २०२४-२५ हेतु आरबीएसके, सीएमएचओ कार्यालय मोबिलिटी सपोर्ट के लिए कुल २५ वाहनों का मासिक किराए पर एक वर्ष के लिए अनुबंध किया था। उक्त अनुबंध १६ सितम्बर २०२४ से १५ सितम्बर २०२५ तक की अवधि के लिए किया गया था। इसमें सीएमएचओ कार्यालय के लिए ५ वाहन और सभी दस ब्लॉक के लिए दो-दो कुल २० वाहन लेने का अनुबंध किया था।

उपरोक्त सभी २५ वाहनों का अनुबंध १५ सितम्बर २०२५ तक था। इसके बाद अनुबंध बढ़ाने जिला स्वास्थ्य समिति के अनुमोदन के पश्चात ही ६-६ माह की अवधि के लिए अनुबंध बढ़ाया जा सकता था, लेकिन सीएमएचओ एवं लेखा अधिकारी द्वारा जिला स्वास्थ्य समिति, कलेक्टर से अनुमोदन करवाए बिना ही पिछले ११ माह से सभी २५ वाहन चलाए जा रहे हैं और इनका भुगतान भी किया जा रहा है। जबकि नियमानुसार दस लाख रुपए के अधिक टेंडर में जिला स्वास्थ्य समिति का अनुमोदन अनिवार्य है। बावजूद इसके बिना अनुमोदन के पिछले ११ माह से २५ वाहन चलाकर लगभग ७० से ८० लाख रूपए का भुगतान किया गया है। सूत्रों के अनुसार इन अनियमितताओं में सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ लेखा अधिकारी की प्रमुख भूमिका है। यदि इनकी निष्पक्ष जांच की जाए तो वित्तीय अनियमितता के बड़े मामले का खुलासा हो सकता है।