NEET Paper Leak: दतिया/भोपाल बैतूल (ब्यूरो)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने नीट पेपर लीक मामले में कांग्रेस और राहुल गांधी द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को लेकर गुरूवार को दतिया में पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी नीट पेपर लीक के मामले पर संसद में सार्थक चर्चा की बजाय बच्चों को गुमराह कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पेपर लीक से जुड़े सभी प्रकरणों की सुनवाई अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने का निर्णय लिया है। पेपर लीक में जो भी दोषी होगा सभी पर कार्रवाई होगी। 

केंद्र सरकार पेपर लीक मामले का समाधान चाहती है, कांग्रेस और इंडी गठबंधन के दल संसद को बंधक बनाना चाहते हैं। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। कांग्रेस और इंडी गठबंधन के दल संसद को बंधक बनाकर रखना चाहते हैं। केंद्र सरकार सभी विषयों पर सार्थक चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस सुझाव देने की बजाय भ्रम फैलाकर राजनीतिक रोटियां सेंक रही है। संविधान में संवाद का स्थान संसद है, कांग्रेस संसद में बहस से बचकर संविधान का विरोध कर रही है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सभी मामलों को जल्दी से जल्दी निस्तारण कर दोषियों को कठोर दण्ड दिलाया जाएगा।

रोज सुनवाई होगी, ताकि ट्रॉयल में देरी न हो

प्रदेश अध्यक्ष श्री खण्डेलवाल ने कहा कि इस मामले में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। कानून के तहत दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में अदालतों में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित होने वाली हैं। नीट पेपर लीक से जुड़े मामलों की प्रतिदिन सुनवाई होगी, ताकि जांच और ट्रायल में देरी न हो और जल्दी फैसला आ सके। 

चर्चा से क्यों भाग रहे कांग्रेस और इंडी गठबंधन के दल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि यह समय राजनीति का नहीं है, बावजूद इसके कांग्रेस, राहुल गांधी और इंडी गठबंधन के नेता छात्रों के संवेदनशील विषय पर भी राजनीति कर रहे हैं। केंद्र सरकार संसद में चर्चा के लिए जब तैयार है, तब भी राहुल गांधी चर्चा करने को तैयार नहीं है। आखिर राहुल गांधी संसद में चर्चा से क्यों भाग रहे हैं। दरअसल राहुल गांधी की मंशा नीट पर चर्चा करने की नहीं, छात्रों को गुमराह कर अराजकता फैलाने की है। 

कांग्रेस सरकार में भी हुए थे पेपर लीक 

अध्यक्ष श्री खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार में भी कई बार पेपर लीक हुए हैं, लेकिन कभी किसी पर कार्रवाई नहीं हुई परंतु हमारी सरकार ने तुरंत कार्रवाई की है। केंद्र सरकार ने दर्जनों गिरफ्तारियां कराने के साथ एक महीने में तीन लीक-प्रूफ परीक्षाएं आयोजित कराई हैं। कांग्रेस के शासनकाल में शिक्षा का बजट केवल 8225 करोड़ था, वहीं वर्तमान में यह बजट बढ़कर 1.39 लाख करोड़ रूपए हो गया है। एम्स, आईआईटी, टेक्निकल कॉलेज सहित अधिकांश महाविद्यालयों में छात्रों को अधिक से अधिक प्रवेश सुनिश्चित कराने के लिए सीटों की संख्या में काफी वृद्धि की गई है।