Betul Amla Road Maintenance: करोड़ों की सड़क पर लापरवाही भारी, झाड़ियों के बीच जान जोखिम में डालकर गुजर रहे वाहन
Betul Amla Road Maintenance: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। लगभग सात साल पहले १२९ करोड़ रुपए की लागत से बैतूल से आमला-बोरदेही होते हुए छिंदवाड़ा जिले की बॉर्डर तक बनी इंटरमीडिएट सड़क मेंटेनेंस के अभाव में खतरनाक होती जा रही है। इस सड़क के निर्माण के समय ही इसमें कई अंधे मोड़ थे। अब इन स्थानों पर सड़क किनारे लगी झाड़ियां सड़क तक आ गई हैं। कुछ स्थानों पर वाहन चालक तो दूर, पैदल यात्रियों को भी सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते हैं। जिससे इस सड़क पर आए दिन दुघटनाएं होती रहती है। यही हाल बैतूल से बाजपुर होते हुए बरसाली तक बनी सड़क का भी है। बड़े वाहन चालकों को भी सामने से आने वाले दोपहिया वाहन दिखाई नहीं देते हैं, उन्हें लगातार हॉर्न बजाते हुए चलना पड़ता है। इसके बावजूद कई बार हादसे हो जाते हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा न तो सड़क मेंटेनेंस करवाया जा रहा है और ना ही सड़क किनारे उग आईं झाड़ियां कटवाई जा रही है। जिससे वाहन चालक दहशत के बीच वाहन चलाने मजबूर हैं।
शहर के सोनाघाटी फॉरेस्ट बेरियर से हमलापुर, खंडारा, आमला, बोरदेही होते हुए छिंदवाड़ा जिले की सीमा नागदेव मंदिर तक सात साल पहले इंटरमीडिएट सड़क बनाई गई थी। लगभग १२९ करोड़ रुपए की लागत से बनी ७२ किलोमीटर सड़क साल २०१९ तक बनकर तैयार हो गई थी। सड़क निर्माण के बाद ५ साल तक सड़क का मेंटेनेंस ठेकेदार द्वारा किया था। पांच साल की मेंटनेंस अवधि समाप्त होने के बाद पिछले दो साल से इस सड़क का मेंटेनेंस भगवान भरोसे हो गया है। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा इस सड़क मेंटेनेंस नहीं किए जाने से बैतूल से आमला के बीच कुछ स्थानों पर सड़क खुद गई है। कुछ स्थानों पर निकासी नहीं होने से सड़क पर पानी भरा रहता है।
इस सड़क पर बैतूल से खंडारा के बीच ही ५-६ अंधे मोड़ बने हैं। यहां सड़क किनारे लगी झाड़ियों की कटाई नहीं होने से कंटीली झाड़ियां, राईमुनिया आदि सड़क तक आ गई है। जिससे सामने से आने वाले वाहन, पैदल यात्री तक दिखाई नहीं देते हैं। वाहनों के अचानक सामने आने से कई बार सड़क हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी विभाग सड़क किनारे से पौधों, झाड़ियों की कटाई नहीं करवा रहा है। हमलापुर से बाजपुर होते हुए बरसाली तक बनी सड़क तो सिंगल सड़क है। इस सड़क पर भी कई जगह झाड़ियां सड़क तक आ गई हैं। कई बार तो दो पहिया वाहनों की क्रॉसिंग के दौरान ही झाड़ियां वाहन चालकों को लगती है। इन दोनों मार्गों से प्रतिदिन हजारों की संख्या में दोपहिया-चौपहिया वाहन चलते हैं जो दहशत के बीच सफर कर रहे है। इस मार्ग के आसपास के गांव के ग्रामीणों और वाहन चालकों दोनों सड़क का मेंटेनेंस करवाने और सड़क किनारे की झाड़ियां कटवाने की मांग पीडब्ल्यूडी विभाग से की है।

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