Dowry Harassment Suicide Betul: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। दहेज लोभी ससुराल पक्ष की प्रताड़नाओं से एक गर्भवती नवविवाहिता इतनी तंग आ गई कि उसने विवाह के 7 महीने में ही मौत को गले लगा लिया। उससे दहेज में कार और 3 लाख रुपये मांगे जा रहे थे। इस मामले में पुलिस ने आरोपी पति, सास, ससुर और नंदोई को गिरफ्तार कर लिया है। 

थाना चोपना अंतर्गत ग्राम झोली-1 में 15 जुलाई 2026 की सुबह पंचायत भवन परिसर स्थित आंवले के पेड़ पर अर्चना पत्नी त्रिनाथ सरकार (40 वर्ष) का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला था। घटना की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर वैज्ञानिक एवं निष्पक्ष जांच प्रारंभ की। मृतिका की पुत्री दीक्षा का विवाह 5 दिसंबर 2025 को आरोपी वासुदेव बछाड़ के साथ हुआ था। विवाह के कुछ समय पश्चात से ही पति वासुदेव, ससुर सचिन बछाड़, सास कविता बछाड़ और नंदोई विपुल बैरागी द्वारा दीक्षा को दहेज में कार और 3 लाख रुपये की मांग को लेकर लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। 

सुसाइड नोट में बयां किया था दर्द 

पीड़िता के 4 माह की गर्भवती होने के बावजूद आरोपियों द्वारा उसके साथ मारपीट की गई तथा मृतिका व उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी गईं। घटना के दिन मृतिका के शव के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था, जिसमें आरोपियों द्वारा दी गई प्रताड़ना और धमकियों का स्पष्ट उल्लेख था।

रखी थी यह अपमानजक व कू्रर शर्त 

इसके अतिरिक्त पति वासुदेव द्वारा व्हाट्सएप पर दीक्षा को 'मां के मुंह पर थूककर और चांटा मारकर वीडियो भेजनेÓ जैसी अत्यंत अपमानजनक और क्रूर शर्तें रखने के डिजिटल साक्ष्य भी पुलिस के हाथ लगे हैं। प्रकरण में मर्ग जांच के उपरांत धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 85 (क्रूरता), 3(5) बीएनएस एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत पंजीबद्ध किया गया है।

इन चार आरोपियों को किया गिरफ्तार 

पुलिस ने इस मामले में वासुदेव पिता सचिन बछाड़ उम्र 28 वर्ष, सचिन पिता निर्मल बछाड़ उम्र 58 वर्ष, कविता पति सचिन बछाड़ उम्र 45 वर्ष सभी निवासी ग्राम पहाड़पुर और विपुल पिता हरिवर बैरागी उम्र 34 वर्ष निवासी ग्राम झोली-1 को गिरफ्तार कर लिया है।