सदियों पुरानी युवती की कब्र बनी शोध का केंद्र, वैज्ञानिकों ने किए चौंकाने वाले खुलासे
मॉस्को: रूस के तुवा गणराज्य स्थित सयानो-शुशेनस्काया बांध के समीप एक जलमग्न पुरातात्विक स्थल (स्थानीय रूप से 'अटलांटिस') से 2137 वर्ष पुरानी एक युवती की कब्र मिली है, जिसकी खोज को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छिड़ी हुई है। डॉ. पावेल लियुस के नेतृत्व में हुई इस खुदाई में मिली महिला को पुरातत्वविदों ने 'नताशा' नाम दिया है। कब्र से मिले अवशेष रेडियोकार्बन डेटिंग के अनुसार हून्नू (शियांग्नू) काल (लगभग 92 ईसा पूर्व से 71 ईस्वी) के हैं।
आईफोन जैसा बेल्ट बकसुआ बना कौतुहल का विषय
इस खोज में सबसे अधिक ध्यान आकर्षित करने वाली वस्तु महिला के साथ मिला बेल्ट बकसुआ (Belt Buckle) है। काले जेट स्टोन (लिग्नाइट) से बने इस बकसुए का आकार लगभग 7 गुणा 3.5 इंच है, जिस पर टर्क्वॉइस और लाल पत्थरों की नक्काशी की गई है। आयताकार बनावट, चिकनी सतह और आधुनिक डिजाइन के कारण मीडिया और आम लोगों ने इसे 'नताशा का आईफोन' करार दिया।
समय यात्रा के दावों को वैज्ञानिकों ने नकारा
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा इसे 'टाइम ट्रैवल' या 'एलियन टेक्नोलॉजी' का प्रमाण बताने वाले दावों को वैज्ञानिकों ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि यह कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं, बल्कि प्राचीन काल का एक विशाल बेल्ट बकसुआ है। महिला की बेल्ट चीनी 'वुजू' सिक्कों से सजी हुई थी, जो उस दौर में हून्नू समाज और चीन के बीच मजबूत व्यापारिक व सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती है।
हून्नू संस्कृति और शिल्प कला का बेजोड़ नमूना
हून्नू (शियांग्नू) दक्षिणी साइबेरिया और मंगोलिया के घुमंतू योद्धा थे। यह पुरातात्विक खोज यह सिद्ध करती है कि प्राचीन कारीगर पत्थरों को तराशने और समकालीन दिखने वाले आभूषण बनाने में अत्यंत कुशल थे। रूस का यह खूबसूरत पहाड़ी तुवा क्षेत्र (जो राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के पसंदीदा अवकाश स्थलों में भी शुमार है) अपनी इस ऐतिहासिक खोज के कारण प्राचीन कला और फैशन की समझ को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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