बिहार के लाल कनिष्क नारायण को ब्रिटेन सरकार में बड़ी जिम्मेदारी, लिसा नंदी ने भी बरकरार रखी कुर्सी
लंदन: ब्रिटेन में हालिया राजनीतिक बदलाव के बीच नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने देश की बागडोर संभाल ली है। 10 डाउनिंग स्ट्रीट से एक नए राजनीतिक मॉडल का संकल्प व्यक्त करते हुए उन्होंने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया है। इस नए मंत्रिमंडल में भारतीय मूल के दो कद्दावर नेताओं को बेहद अहम मंत्रालय सौंपे गए हैं, जो यूके की राजनीति में भारतीय समुदाय की मजबूत उपस्थिति को रेखांकित करता है।
मुजफ्फरपुर के कनिष्क नारायण बने एआई मंत्री
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से ताल्लुक रखने वाले कनिष्क नारायण को बर्नहैम सरकार में कैबिनेट रैंक के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मंत्री बनाया गया है। महज 12 वर्ष की आयु में मुजफ्फरपुर से ब्रिटेन पहुंचे कनिष्क ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से पढ़ाई और स्टैनफोर्ड से एमबीए की डिग्री हासिल की है। सिलिकॉन वैली के टेक सेक्टर में लंबे अनुभव के बाद, उन्होंने 2024 के चुनाव में वेल ऑफ ग्लैमरगन सीट से जीत दर्ज की थी। इससे पूर्व वे सरकार में कनिष्ठ मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
कोलकाता से जुड़ीं लिसा नंदी को संस्कृति मंत्रालय की कमान
वहीं, भारतीय मूल की वरिष्ठ नेत्री लिसा नंदी को नई कैबिनेट में संस्कृति सचिव के पद पर कायम रखा गया है। मैनचेस्टर में जन्मीं लिसा नंदी का परिवार मूल रूप से कोलकाता से ताल्लुक रखता है। राजनीति में आने से पहले सामाजिक नीति के क्षेत्र में कार्यरत रहीं लिसा 2010 में पहली बार विगन निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चुनी गई थीं। वे इस क्षेत्र से संसद पहुंचने वाली पहली महिला और पहली एशियाई प्रतिनिधि बनी थीं। ब्रिटेन के नए मंत्रिमंडल में इन दोनों दिग्गजों की नियुक्ति से भारत-ब्रिटेन संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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