हमें तो अपनो ने लूटा गैरों में कहां दम था
मेरे कश्ती वहां डूबी जहां पानी कम था 

Betul Congress Infighting: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। किसी मशहूर शायद की यह लाइनें जिला कांग्रेस पर एकदम सटीक बैठ रही हैं। लगभग दो दशक से सत्ता से बाहर रहने के बाद भी कांग्रेसियों की बुद्धि ठिकाने पर नहीं आ रही है। भाजपा से लडऩा तो दूर आपस में लड़कर ही जिले में कांग्रेस निपट रही है। कांग्रेसियों की इस हरकत से भाजपाई प्रफुल्लित हैं। आपसी अंतरकलह से नहीं उभरने के कारण कांग्रेस को सत्ता सुख से भी वंचित रहना पड़ रहा है। प्रदेश में भी 2018 में कांग्रेस की सरकार तो बनी लेकिन कमलनाथ-दिग्विजय और ज्योतिरादित्य की आपसी खींचतान के चलते 15 महीने में ही कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई थी। अब प्रदेश में भी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के अलग-अलग गुटों में कांग्रेसी बंटी नजर आ रही है। बैतूल में तो शुरू से ही डागा और पांसे गुट की गुटबाजी और अंतरकलह सड़कों पर है। बैतूल में कांग्रेस के दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर में ऐसा नाटक हुआ जिसका पर्दा अभी तक नहीं गिर पाया है। इसी का परिणाम है कि सोमवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष निलय डागा के समर्थकों ने जहां पांसे सहित उनके समर्थकों पर एफआईआर दर्ज कराई। वहीं पांसे समर्थकों ने भी डागा सहित उनके समर्थकों पर मामला दर्ज करवा दिया। पूरे मामले की भाजपाईयों-कांग्रेसियों सहित आम आदमी चटकारे लेकर चर्चा कर रहा है। 

वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल

प्रदेश कांग्रेस संगठन के निर्देश पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष निलय डागा ने 17 और 18 जुलाई को जैन दादावाड़ी, बैतूल में कांग्रेस पदाधिकारियों का आवासीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया था जिसमें प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ संगठन पदाधिकारियों ने भाग लिया था। इसी शिविर का एक वीडियो पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। जिसमें पांसे गुट के नेता और समर्थक, जिला कांग्रेस प्रवक्ता विजय पारधी के साथ तू-तू-मैं-मैं और धक्का-मुक्की करते हुए दिखाई दे रहे थे। इसके बाद माना जा रहा था कि अब संगठन सृजन के इस कार्यक्रम पर पानी फिर गया है। 

दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर कराई एफआईआर

सोमवार 20 जुलाई को अचानक बदले राजनैतिक घटनाक्रम में निलय डागा समर्थकों ने कोतवाली थाने पहुंचकर सुखदेव पांसे, नवनीत मालवीय, मनोज मालवे और सलमान खान के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें पुलिस ने एससी, एसटी एक्ट सहित अन्य धाराएं लगा दी। इस मामले में डागा गुट की ओर से एफआईआर कर्ता विजय पारधी रहे। इसकी खबर जैसे ही पांसे गुट को मिली उन्होंने भी मनोज मालवे के माध्यम से निलय डागा, मोनू बडोनिया, हर्षवर्धन धोटे और विजय पारधी के खिलाफ केस दर्ज करा दिया। इस मामले में भी पुलिस ने एससी, एसटी एक्ट सहित अन्य धाराएं लगाई हैं। 

क्यों आई एफआईआर की नौबत?

कांग्रेस के अंदरखाने की चर्चाओं पर यकीन करें तो एफआईआर की नौबत आने के पीछे डागा गुट के विजय पारधी सहित एक अन्य नेता द्वारा प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी से पांसे की शिकायत करना है। डागा गुट के नेताद्वय ने हरीश चौधरी को कांग्रेस की 15 महीने की सरकार के दौरान केबिनेट मंत्री रहे सुखेदव पांसे के कारनामों का झूठा-सच्चा चिट्ठा मौखिक तौर पर बताया था। इस बात से कांग्रेस का पांसे गुट आहत और नाराज था। लेकिन विजय पारधी के साथ आवासीय प्रशिक्षण स्थल पर हुई तू-तू-मैं-मैं और गाली गलौज के बाद लग रहा था कि मामला शांत हो गया है। लेकिन जब इस घटनाक्रम की शिविर खत्म होने के दो दिन बाद सोमवार को कोतवाली में शिकायत की गई तो मामले ने फिर तूल पकड़ लिया और पांसे समर्थकों ने डागा और उनके समर्थकों पर एफआईआर करा दी। 

यह कराई विजय पारधी ने एफआईआर 

जिला कांग्रेस प्रवक्ता विजय पारधी निवासी आमला द्वारा 20 जुलाई को कोतवाली बैतूल में नवनीत मालवीय, सुखदेव पांसे, मनोज मालवे और सलमान खान के खिलाफ नामजद एफआईआर कराई गई जिसमें गाली गलौज करने, धक्का मारने, जातिसूचक शब्दों से अपमान करने और जान से मारने की धमकी देने का उल्लेख किया गया है। विजय पारधी ने अपनी एफआईआर में जान से मारने की धमकी देकर जमीन में जिंदा गाडऩे और जहां मिलेगा वहीं कुचलने सहित राजनीति खत्म करने की धमकी देने की बात कही है। विजय पारधी ने एफआईआर में कहा है कि मैं जिला कांग्रेस कमेटी का प्रवक्ता तथा युवक कांग्रेस का पूर्व जिलाध्यक्ष हूं। आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान 18 जुलाई को नवनीत मालवीय, सुखदेव पांसे, मनोज मालवे और सलमान खान सहित अन्य ने मुझसे गाली गलौज की, मारा, धक्का दिया और जातिसूचक शब्दों से अपमानजनक बातें कहकर जान से मारने की धमकी देकर जिंदा गाड़ देने की बात की थी जिससे मैं डर के कारण अपने आप को असुरक्षि महसूस कर रहा हूं और यह एफआईआर करा रहा हूं। 

यह कराई मनोज मालवे ने एफआईआर

डागा समर्थक विजय पारधी द्वारा कराई गई एफआईआर की खबर मिलते ही आमला नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष और दो बार आमला विधानसभा का चुनाव लड़ चुके पांसे समर्थक कांग्रेस नेता मनोज मालवे ने कोतवाली में दर्ज एफआईआर में विजय पारधी, निलय डागा, हर्षवर्धन धोटे और मोनू बडोनिया के खिलाफ नामजद आरोप लगाए हैं। एफआईआर में श्री मालवे ने गला दबाने, मारपीट करने, जातिगत गाली गलौज करने, जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। वहीं उन्होंने एफआईआर में लिखाया है कि शिविर के दौरान पंडाल में विजय पारधी, निलय डागा, हर्षवर्धन और मोनू बडोनिया एकराय होकर आए और निलय डागा ने मेरा गला दबाया और बाकी लोगों ने मेरे साथ लात-घूसों से मारपीट की। सभी ने मुझे जातिसूचक गंदी-गंदी गालियां दी और फिर विजय पारधी ने जोर से मेरे गुप्तांग पर लात मारी जिससे मैं दर्द से तड़पकर नीचे गिर गया। वो लोग बोल रहे थे तू निकल जा नहीं तो तुझे जान से मार देंगे। इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी नवनीत मालवीय, डॉ. नितिन देशमुख, राजेश गावंडे, मंगू सोनी सहित अन्य लोग हैं जिन्होंने बीच बचाव किया। घटना के तुरंत बाद वरिष्ठ नेताओं पांसे जी वगैरह ने समझौता करा दिया कि अंदर की बात बाहर नहीं जानी चाहिए इसलिए मैंने रिपोर्ट नहीं की थी किंतु मैं दो दिन से बहुत ही अपमानजनक पीड़ा महसूस कर रहा था इसलिए आज एफआईआर कर रहा हूं। 

अपरिपक्वता ने भाजपा को थमा दिया मुद्दा

संगठन सृजन अभियान के तहत जिला कांग्रेस द्वारा लगाया गया आवासीय प्रशिक्षण शिविर कांग्रेस संगठन पदाधिकारियों के लिए कितना सिखाने वाला साबित हुआ यह तो पता नहीं लेकिन वरिष्ठ कांग्रेसियों की अपरिपक्वता ने बैठे-बैठाए भाजपा को एक बड़ा मुद्दा दे दिया है। राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिले में कांग्रेसियों को आपस में लडऩे से ही फुर्सत नहीं है तो वह भाजपा से कैसे मुकाबला कर पाएंगे? पूर्व मंत्री और जिला कांग्रेस अध्यक्ष के गुटों में बंटी कांग्रेस ने एफआईआर-एफआईआर खेलकर जो बवाल खड़ा किया है उसका अंत प्रदेश कांग्रेस के हस्तक्षेप से तो जरूर हो जाएगा लेकिन इस बवाल ने मत भेद के बाद मन भेद भी सार्वजनिक कर दिए हैं जिससे शायद ही जिले में कांग्रेस उबर पाएगी? कांग्रेसियों की इस अंतरकलह ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब तक जिले में कांग्रेस गुटों में बंटी रहेगी तब तक भाजपा के लिए रेडकारपेट कांग्रेसी ही बिछाकर तैयार रखेंगे।