चार दशक की यात्रा खत्म, महासागर में अदृश्य हुआ विशाल हिमखंड
अंटार्कटिका/लंदन: दक्षिणी महासागर में बीते चार दशकों से भटक रहा दुनिया का सबसे बड़ा हिमखंड 'ए23ए' (A23a) आखिरकार पूरी तरह पिघलकर अदृश्य हो गया है। आकार में भारत के गोवा राज्य से भी बड़ा और ग्रेटर लंदन के क्षेत्रफल से दोगुना यह हिमखंड 40 साल की लंबी यात्रा के बाद अब इतने छोटे टुकड़ों में तब्दील हो चुका है कि उपग्रहों (Satellites) से भी इन्हें ट्रैक करना नामुमकिन है, जिसके बाद इसे औपचारिक रूप से समाप्त घोषित कर दिया गया है।
34 वर्षों तक वेडेल सागर में फंसा रहा ए23ए
ए23ए हिमखंड सबसे पहले वर्ष 1986 में अंटार्कटिका की प्रसिद्ध फिल्चनर आइस शेल्फ से टूटकर अलग (Calving) हुआ था। अत्यधिक विशाल होने के कारण यह तुरंत समुद्र में बहने के बजाय वेडेल सागर के तल में फंस गया और लगभग 34 वर्षों तक वहीं जमा रहा। इसके बाद समुद्री धाराओं के प्रभाव से यह मुक्त हुआ और अंटार्कटिका से दूर उत्तर दिशा की ओर अपनी 2,000 किलोमीटर लंबी यात्रा पर निकल पड़ा।
उत्तरी महासागरों के गर्म पानी ने किया नामोनिशान खत्म
अंटार्कटिका के ठंडे समुद्री क्षेत्रों से बाहर निकलकर जैसे ही ए23ए उत्तर की ओर अपेक्षाकृत गर्म जलधाराओं के संपर्क में आया, इसका क्षरण तेजी से होने लगा। बढ़ते तापमान और लहरों के थपेड़ों के कारण यह धीरे-धीरे छोटे-छोटे हिमखंडों में बिखर गया और अंततः महासागर में विलीन हो गया।
वैज्ञानिकों के लिए एक 'चलता-फिरता प्रयोगशाला'
अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं के लिए ए23ए महज एक हिमखंड नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन और समुद्री पारिस्थितिकी को समझने की एक प्राकृतिक प्रयोगशाला था। हालांकि इसके पिघलने से सीधे तौर पर समुद्र के जलस्तर में बढ़ोतरी नहीं हुई है क्योंकि यह पहले से ही पानी पर तैर रहा था, लेकिन वैज्ञानिक अंटार्कटिका की मुख्य 'आइस शेल्फ' के कमजोर होने को लेकर चिंतित हैं, जो भविष्य में वैश्विक समुद्र स्तर के बढ़ने का बड़ा कारण बन सकती है।

Madhya Pradesh Bus Strike: 7 अगस्त तक सरकार को अल्टीमेटम, नहीं मानी मांगें तो थम जाएंगे बसों के पहिए
Betul Land Encroachment: सरकारी जमीन पर कब्जे का बड़ा खेल, जांच में सामने आए 27 अतिक्रमण
Outsource Employees Salary: सीएमएचओ कार्यालय पर गंभीर आरोप, सफाईकर्मियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को नहीं मिल रहा पूरा वेतन
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत