Betul Mandi Shed: दो दिन अवकाश के बाद भी मंडी शेड भरे, बारिश में खुले में उतारना पड़ेगा किसानों का अनाज
Betul Mandi Shed: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। सीजन के समय जब मंडी में आवक अधिक रहती है तब हम्मलों की कमी की बात कहकर मंडी शेड में अपने बोरे रखने वापले व्यापारी वर्तमान में चल रहे ऑफ सीजन में भी शेड से बोरे नहीं उठा रहे हैं। रविवार और सोमवार को दो दिन का अवकाश होने के बावजूद मंडी के अधिकतर शेड व्यापारियों के बोरे से भरे हुए हैं। दो दिन के अवकाश के बावजूद व्यापारियों द्वारा शेड से अपने बोरे नहीं उठाने से उनकी मंशा जाहिर होती है कि वे शेड को ही अस्थाई गोदाम बनाकर रखते हैं। मंडी प्रबंधन द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने से व्यापारियों के हौसले बुलंद हैं, जिससे मंगलवार को मंडी में आने वाले किसानों के अनाज को बारिश के मौसम में भी मजबूरन बाहर उतारना पड़ेगा।
रबी और खरीफ के सीजन में जब कृषि उपज मंडी बैतूल में आवक बढ़ जाती है, प्रतिदिन लगभग ३० से ४० हजार बोरे की आवक होती है, तब मंडी के अधिकतर शेड व्यापारियों के बोरे से भरे रहते हैं। निर्धारित समय में शेड खाली नहीं करने वाले व्यापारी अत्यधिक आवक और हम्मालों की कमी का बहाना बनाकर अधिकारियों को गुमराह करते हैं। वर्तमान समय में बारिश का सीजन शुरू हो गया है। कृषि उपज मंडी बैतूल में प्रतिदिन की आवक घटकर ७ से ८ हजार क्विंटल तक सीमित रह गई है। ऐसे समय में भी व्यापारी मंडी शेड से अपने बोरे निर्धारित समय २४ घंटे में नहीं उठा रहे हैं। सोमवार शाम को मंडी के शेड में व्यापारियों को लगभग दस हजार से अधिक बोरे रखे हुए थे। जबकि रविवार को साप्ताहिक अवकाश और सोमवार को ताप्ती जयंती का अवकाश होने से मंडी में नीलामी कार्य बंद था। मंडी शेड में रखे व्यापारियों के बोरे उनके द्वारा ४८ घंटे पहले शनिवार या उसके भी पहले खरीदे गए अनाज के हंै, जो सोमवार शाम तक नहीं उठाए गए थे।
इससे साफ जाहिर होता है कि कुछ व्यापारियों द्वारा मंडी परिसर और मंडी शेड को प्रायवेट गोडाउन की तरह उपयोग किया जा रहा है। जब तक उपज बाहर नहीं भेजना हो तब तक मंडी के शेड में ही रखी जाती है। मंडी अधिनियम में २४ घंटे में उपज नहीं उठाने वाले व्यापारियों पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है, लेकिन व्यापारियों के दबाव में कभी भी जुर्माना नहीं लगाया जाता है, जिससे उनके हौसले बुलंद हैं।
बारिश के दौरान खुले में उतारना होगा अनाज
दो दिन के अवकाश के बाद आज मंगलवार को जब मंडी में किसान अपनी उपज लेकर आएंगे तो कई किसानों को शेड में जगह नहीं मिल पाएगी। ऐसे में बारिश के मौसम में भी किसानों को अपनी उपज खुले आसमान के नीचे उतारने मजबूर होना पड़ेगा। इस दौरान यदि बारिश होती है और किसानों का अनाज गीला होता है तो यदि व्यापारी गीला अनाज लेने से मना कर देते हैं या फिर औने-पौने दामों में अनाज लेते हैं। जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। किसानों ने मंडी प्रबंधन से अपील की है कि वे मंडी शेड से किसानों के बोरे उठवाकर खाली कराएं, ताकि किसान शेड में अपनी उपज उतार सके।

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