Betul Waqf Board Appointment: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। प्रदेश स्तर पर 10 सदस्यीय वक्फ बोर्ड का गठन होने के बाद अब जिला स्तर पर भी वक्फ बोर्ड के साथ ही अल्पसंख्यक के अन्य बोर्ड, हज कमेटी सहित अन्य समितियों में नियुक्ति होने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। जिले में साल २०२० में भाजपा के सत्ता में आने के ४-५ दिन पूर्व मुलताई के कांग्रेस नेता शमीम खान को जिला वक्फ बोर्ड अध्यक्ष बनाया गया था। जिनका कार्यकाल २०२३ में ही समाप्त हो गया है। इसके बाद से ही वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के साथ ही मदरसा बोर्ड, हज कमेटी, उर्दू एकेडमी और पिछड़ा वर्ग तथा अल्प संख्यक कल्याण समिति सदस्य का पद खाली है। प्रदेश वक्फ बोर्ड में पहली बार दो हिन्दू सदस्य बनाए जाने के बाद जिला वक्फ बोर्ड में भी किसी गैर मुस्लिम को वक्फ बोर्ड में शामिल किया जा सकता है। वैसे मुस्लिम समाज के भाजपा नेताओं में अंजुमन अध्यक्ष वसीम कुरैशी और गफूर भाया अखाड़े के अध्यक्ष अकरम खान वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के प्रबल दावेदार हंै। इसके साथ ही भाजपा नेता अभिजर हुसैन, शारिक खान, नूर खान, असलम काजी, जौहर पटेल और पूर्व पार्षद सादिक मंसूरी को भी वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। 

प्रदेश-जिले में खाली हैं अधिकतर पद

प्रदेश में २०२० से लगातार सत्ता में काबिज भाजपा शासन काल में मुस्लिम बोर्ड और आयोग के अधिकतर पद खाली है। हाल ही में डॉ. सनवर पटेल को वक्फ बोर्ड अध्यक्ष बनाने के साथ प्रदेश वक्फ बोर्ड के दस सदस्यों की भी नियुक्ति कर दी गई है। इसके बावजूद प्रदेश स्तर पर मदरसा बोर्ड अल्पसंख्यक आयोग, हज कमेटी, उर्दू एकेडमी, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण वित्त विकास निगम के पद खाली हैं। इन पदों पर किसी की नियुक्ति नहीं की गई है। यही स्थिति जिला स्तर पर भी है।

जिले में वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के साथ ही मदरसा बोर्ड अध्यक्ष हज कमेटी, उर्दू एकेडमी, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण समिति सदस्य का पद खाली है। २०२० में प्रदेश की सत्ता में भाजपा की वापसी के ५-६ दिन पूर्व १७ मार्च २०२० को मुलताई के कांग्रेस नेता शमीम खान को जिला वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था। जिनका कार्यकाल १६ जून २०२३ तक ही था, लेकिन किसी अन्य की नियुक्ति नहीं होने से अभी भी उन्हें ही अध्यक्ष माना जा रहा है। भाजपा शासनकाल में सितंबर २०२३ में अल्पसंख्यक भाजपा नेता वसीम कुरैशी पाशू को वक्फ अंजुमन इस्लाम कमेटी बैतूल का अध्यक्ष बनाया गया था। इनका कार्यकाल भी २ माह बाद समाप्त हो जाएगा। बाकी सभी पद खाली हैं।

प्रदेश समिति बनने के बाद खुला जिले में नियुक्ति का रास्ता

प्रदेश स्तर पर डॉ. सनवर पटेल को प्रदेश वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा कुछ दिन पूर्व ही प्रदेश वक्फ बोर्ड के दस सदस्य भी नियुक्त किए हैं। जिसमें पहली बार इंदौर के मनोज मालपानी और गुना के अनिमेष भार्गव के रूप में दो हिन्दू सदस्यों की नियुक्ति की गई है। प्रदेश समिति बनने के बाद अब सभी जिलों में भी वक्फ बोर्ड-अंजुमन कमेटी सहित अन्य पदों पर नियुक्ति की सुगुबुगाहट शुरू हो गई है। भाजपा के अल्पसंख्यक नेता वक्फ बोर्ड अध्यक्ष बनने सक्रिय हो गए हैं। कुछ अल्पसंख्यक नेता ऐसे भी हैं जो स्वयं अपनी ओर से किसी प्रकार की पहल नहीं कर रहे हैं, लेकिन यदि उन्हें जिम्मेदारी दी जाती है तो वे संभालने के लिए तैयार हैं।

वसीम-अकरम रेस में अव्वल

जिला वक्फ बोर्ड अध्यक्ष पद पर भाजपा के अल्पसंख्यक नेता की ताजपोशी होना तय माना जा रहा है। इस पद के लिए वर्तमान अंजुमन कमेटी अध्यक्ष वसीम कुरैशी और गफूर भाया अखाड़ा अध्यक्ष अकरम खान प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। वसीम कुरैशी पिछले २० साल से वक्फ बोर्ड या अंजुमन कमेटी के विभिन्न पदों पर आसीन हैं। श्री कुरैशी दो बार वक्फ बोर्ड अध्यक्ष रह चुके हैं। वर्तमान में वे अंजुमन कमेटी बैतूल के अध्यक्ष हैं। इस पद पर उनका कार्यकाल सितम्बर २०२६ में खत्म हो जाएगा। भाजपा के अल्पसंख्यक नेताओं में वसीम कुरैशी की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। इसके साथ ही अल्पसंख्यक भाजपा ने अकरम खान (मैक्स) भी जिला वक्फ बोर्ड अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार हैं। नगर पालिका चुनाव लड़ने वाले श्री खान भले ही चुनाव नहीं जीत पाए, लेकिन पार्टी में उनकी पकड़ मजबूत हुई है। श्री खान वर्तमान में गफूर भाया अखाड़े के अध्यक्ष हैं। पार्टी नए चेहरे के रूप में अकरम खान को भी जिला वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष बना सकती है।

इन्हें भी मिल सकता है मौका

वसीम कुरैशी और अकरम खान के अतिरिक्त भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा में शामिल कुछ नेताओं को भी पार्टी जिला वक्फ बोर्ड की कमान दे सकती है। इन नेताओं में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता अभिजर हुसैन, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष शारिक खान के साथ ही अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारी नूर खान, असलम काजी, सलीम खान, जौहर खान और पूर्व भाजपाई पार्षद सादिक मंसूरी को भी भाजपा के प्रति सच्ची निष्ठा रखने का इनाम मिल सकता है। पार्टी इनमें से किसी नेता को भी जिला वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। वक्फ बोर्ड गठन को लेकर मुस्लिम समुदाय में सरगर्मियां बढ़ गई हैं।