Jiramji Yojana Betul: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। भरपूर रोजगार और ज्यादा मजदूरी के गगनचुंबी दावों के बीच महीनों इंतजार के बाद शुरू हुई जीरामजी योजना अपने दावों पर खरी साबित होती नजर नहीं आ रही है। मजदूरों को महीनों तक काम का इंतजार कराने के बाद जैसे-जैसे एक जुलाई से शुरू हुई जीरामजी योजना अभी भी मजदूरों को बेरोजगार ही बनाए हुए हैं। आलम यह है कि जिले की कई पंचायतों में एक भी काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है। दूसरी ओर जिले के कुल पंजीकृत 4 लाख, 78 हजार, 635 मजदूरों में से मात्र 5218 को ही आज की स्थिति में रोजगार मुहैया हो सका है। 

जीरामजी योजना शुरू करने के लिए जनवरी-फरवरी माह से ही नए काम शुरू करने पर रोक लगा दी गई थी। नए काम शुरू नहीं किए जाने से उस समय से ही अधिकांश मजदूरों को काम मिलना बंद हो गया था। इस बीच जीरामजी योजना का जमकर प्रचार-प्रसार हुआ। दावें किए जा रहे थे कि इसमें मनरेगा से ज्यादा मजदूरी और रोजगार के दिन होंगे। इससे मजदूर भी इस योजना के शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। आखिरकार लंबे इंतजार के बाद यह योजना एक जुलाई से शुरू तो हो गई, लेकिन अभी तक यह कहीं से भी अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर पाई है। ऐसा लग ही नहीं रहा कि किसी ठोस प्लानिंग के तहत इतनी महत्वाकांक्षी योजना शुरू की गई है। 

जिले में मजदूरों की यह स्थिति 

इस योजना का क्रियान्वयन कितने युद्ध स्तर पर और बड़े पैमाने पर हो रहा है, इसका अंदाजा इस योजना के तहत कार्य कर रहे मजदूरों की संख्या देख कर आसानी से लगाया जा सकता है। योजना के तहत जिले में कुल पंजीकृत मजदूरों की संख्या 4 लाख, 78 हजार, 635 है। इनमें महिला मजदूरों की संख्या 2 लाख, 22 हजार, 236 है। इनमें भी एक्टिव मजदूरों की संख्या देखें तो वह 2 लाख, 46 हजार, 941 है। इनमें महिला मजदूरों की संख्या 1 लाख, 21 हजार, 254 है। 

मात्र 5218 को ही मिला रोजगार 

अब यदि उन मजदूरों की स्थिति देखें, जिन्हें आज की स्थिति में रोजगार मिला है तो उनकी संख्या मात्र 5218 है। इनमें सबसे ज्यादा 871 मजदूर भीमपुर ब्लॉक में काम कर रहे हैं। वहीं सबसे कम 312 मजदूर चिचोली ब्लॉक में कार्यरत हैं। इनके अलावा आमला में 683, आठनेर में 488, बैतूल में 376, भैंसदेही में 438, घोड़ाडोंगरी में 586, मुलताई में 425, प्रभातपट्टन में 496 और शाहपुर ब्लॉक में 542 मजदूरों को फिलहाल रोजगार मिल सका है। शेष मजदूर अभी भी कार्य शुरू होने का ही इंतजार करने मजबूर हैं। 

कई पंचायतों में एक भी काम नहीं 

योजना शुरू करने के पहले ऐसा लगता नहीं कि कोई ठोस प्लानिंग की और करवाई गई हो। यही कारण है कि जिले की कई पंचायतों में आज तक एक भी काम शुरू नहीं हो पाया है। जिले का एक भी ब्लॉक ऐसा नहीं है, जहां पंचायतों की संख्या से ज्यादा काम चल रहे हो। केवल शाहपुर ब्लॉक ऐसा है जहां पर ग्राम पंचायतें 39 हैं और वहां काम भी इतने ही चल रहे हैं। जिले में कुल 554 ग्राम पंचायतें हैं और आज की स्थिति में कुल 476 कार्य ही वर्तमान में चल रहे हैं।