Betul Police Inspection: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। नर्मदापुरमम जोन के नवागत पुलिस महानिरीक्षक चंद्रशेखर सोलंकी ने शुक्रवार को बैतूल जिले का वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे, जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी एवं संबंधित शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय, रक्षित केन्द्र बैतूल एवं थाना गंज का विस्तृत निरीक्षण कर पुलिस कार्यप्रणाली, अभिलेखों, संसाधनों एवं कानून-व्यवस्था संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय की सभी शाखाओं का निरीक्षण कर शाखा प्रभारियों से विभागीय कार्यों की जानकारी प्राप्त की एवं कार्यों की समीक्षा की। इसके साथ ही जिले में उपलब्ध एवं स्वीकृत पुलिस बल की स्थिति की जानकारी ली।

अतिरिक्त पुलिस बल का भेजें प्रस्ताव 

आईजी ने बढ़ती जनसंख्या, अपराधों की प्रकृति एवं वीवीआईपी भ्रमण को देखते हुए जिले में अतिरिक्त पुलिस बल की आवश्यकता पर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। पुलिस कर्मियों के कल्याण (वेलफेयर) से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। 

सुव्यवस्थित मिला शस्त्रागार 

रक्षित केंद्र बैतूल स्थित शस्त्रागार का भी निरीक्षण किया, जहां शस्त्र एवं मैग्जीन का रखरखाव सुव्यवस्थित एवं संतोषजनक पाया गया। रक्षित निरीक्षक को समय-समय पर चांदमारी (फायरिंग प्रैक्टिस) एवं अन्य प्रशिक्षण गतिविधियां नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। रक्षित केन्द्र की स्टोर शाखा में उपलब्ध उपकरणों का रखरखाव एवं अभिलेख सुव्यवस्थित पाए गए।

गुंडे-बदमाशों की प्राप्त की जानकारी 

थाना गंज का वार्षिक निरीक्षण कर थाना क्षेत्र के गुण्डों एवं निगरानी बदमाशों की जानकारी प्राप्त की तथा उनकी नियमित निगरानी एवं सत्यापन के निर्देश दिए। ड्यूटी रजिस्टर एवं ड्यूटी प्रमाण-पत्रों का अवलोकन किया, जो सुव्यवस्थित पाए गए। 'नशे से दूरी है जरुरी-2.0Ó अभियान में सभी को सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अफसरों को दिए आईजी ने यह निर्देश 

आईजी ने निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु सतत सतर्कता एवं त्वरित पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित की जाएं। प्रत्येक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी अनुशासन, ईमानदारी एवं निष्पक्षता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। अपराधियों, गुंडों एवं निगरानी बदमाशों पर प्रभावी निगरानी रखकर अपराध नियंत्रण की दिशा में लगातार कार्रवाई की जाएं। 

जनता के साथ रहे संवेदनशील 

जनता के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार करते हुए उनकी शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाएं। बीट प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाकर क्षेत्र में नियमित भ्रमण एवं जनसंपर्क बढ़ाया जाएं। पुलिस बल को शारीरिक रूप से दक्ष एवं प्रशिक्षित बनाए रखने के लिए नियमित परेड, चांदमारी एवं प्रशिक्षण आयोजित किए जाएं। पुलिस संसाधनों, शस्त्रों एवं अभिलेखों का रखरखाव निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए।