Betul News Today: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। शहर में केवल मुख्य सड़कों पर ही अतिक्रमण एक बड़ी समस्या नहीं है, बल्कि शहर के रिहायशी इलाकों में भी यह अतिक्रमण एक बड़ी मुसीबत साबित हो रहा है। अतिक्रमण के चलते ही शहर के 15 महत्वपूर्ण कार्य कई सालों से अटके पड़े हैं। टेंडर और वर्क ऑर्डर होने के बावजूद यह काम शुरू नहीं हो पा रहे हैं। इधर दूसरी ओर पार्षदों की एक बड़ी समस्या का समाधान भी हो गया है। उनके पूर्व में स्वीकृत जो काम रूके थे, वे तो होंगे ही, उनके अलावा 30 लाख के काम अलग से उनके वार्डों में कराए जाएंगे। 

नगर पालिका द्वारा शहरवासियों को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए विभिन्न कार्य कराए जाते हैं। यह कार्य ठेकेदारों के माध्यम से कराए जाते हैं। नगर पालिका द्वारा टेंडर निकाले जाने के बाद ठेकेदारों का चयन कर वर्क ऑर्डर जारी किया जाता है। इसके अलावा ठेकेदार को साइट क्लियर करके भी नगर पालिका को ही देना होता है। बीते 3 सालों में भी शहर में कई निर्माण कार्य स्वीकृत हुए हैं, लेकिन इनमें से 15 कार्य ऐसे हैं जो कि केवल इसलिए शुरू नहीं हो पाए क्योंकि जहां यह कार्य होने हैं वहां पर अतिक्रमण पसरा हुआ है। यह अतिक्रमण नगर पालिका नहीं हटा पाई है। यही कारण है कि वर्क ऑर्डर जारी होने के बावजूद ठेकेदार यह काम शुरू नहीं कर पाए। इनमें कुछ कार्य तो मार्च 2023 के हैं। 

इन वार्डों के रूके हैं यह कार्य 

अतिक्रमण के कारण जो काम रूके हैं वे मालवीय, गांधी, इंदिरा, पटेल, जवाहर, गणेश, राजेंद्र, विनोबा और शंकर वार्ड के हैं। इनमें सबसे ज्यादा 4 कार्य विनोबा वार्ड के, शंकर वार्ड के 3 और पटेल वार्ड के 2 कार्य हैं। शेष वार्डों के एक-एक कार्य हैं। इन कार्यों में आरसीसी नाली निर्माण, पेविंग ब्लॉक फिक्सिंग, स्वागत द्वार निर्माण, आरसीसी पुलिया, डामरीकरण, सीसी वेयरिंग रोड कार्य आदि शामिल हैं। 

कार्यों के अभाव में लोग परेशान 

बुनियादी सुविधाओं से जुड़े यह कार्य नहीं होने के कारण लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नाली नहीं बनने से एक ओर कहीं सड़कों पर गंदा पानी बह रहा है तो पुलिया निर्माण नहीं होने से सड़क और घरों तक में बारिश का पानी भर रहा है। यही कारण है कि लोग चाह रहे हैं कि यह कार्य जल्द हो, लेकिन उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो पा रही है। नगर पालिका भी यह अतिक्रमण नहीं हटा पा रही है। 

पार्षदों को अब मिली बड़ी राहत 

शहर के पार्षदों को चुनाव के पहले एक बड़ी राहत मिली है। बीते सालों में उनके वार्डों में जो काम स्वीकृत हुए थे, उनमें से कई काम आज तक शुरू नहीं हुए थे। पहले नगर पालिका ने निर्णय लिया था कि इन कामों को छोड़ अब हर वार्ड में सिर्फ 30-30 लाख रुपये के काम कराए जाएंगे, लेकिन अब इसमें बदलाव करते हुए यह फैसला लिया गया है कि पहले जो काम स्वीकृत हुए थे, वे काम भी कराए जाएंगे और यह 30-30 लाख रुपये के काम अलग से कराए जाएंगे। इससे पार्षदों ने भी राहत की सांस ली है। वहीं लोगों को भी ज्यादा सुविधा मिल सकेगी।