Betul Love Affair Murder Case: प्रेम विवाद का खूनी अंत: युवक की हत्या के मामले में 3 आरोपियों को आजीवन कारावास, जुर्माना भी
Betul Love Affair Murder Case: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। प्रेम प्रसंग को लेकर एक युवक की नृशंस हत्या किए जाने के बहुचर्चित मामले में अदालत ने महिला समेत 3 आरोपियों को आजीवन कारावास और 6 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। इस प्रकरण को जघन्य सनसनीखेज प्रकरण की श्रेणी में रखा गया था। यह फैसला विशेष न्यायाधीश (रईस खान) (एससी/एसटी एक्ट) बैतूल ने सुनाया।
प्रकरण में हत्या करने वाले आरोपी चिकू उर्फ प्रियेश पिता सतीश चौबे, माया पत्नी सतीश चौबे एवं रितेश सोनारे सभी निवासी ग्राम महदगांव को दोषी पाते हुए धारा 302/34 भादंवि के तहत आजीवन कारावास, 307/34 भादंवि में 7 वर्ष व धारा 450 भादंवि में 5 वर्ष सश्रम कारावास तथा कुल 2-2 हजार कुल 6 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक शशिकांत नागले द्वारा पैरवी की गई।
विशेष लोक अभियोजक श्री नागले ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि 15 मार्च 2022 को फरियादी मीनाक्षी उइके ने थाना कोतवाली बैतूल में इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके अनुसार उसका गांव के प्रियेश चौबे उर्फ चिकू से 2 वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा था। 14 मार्च 2022 को रात करीब 9 बजे वे लोग खाना खाकर सो गये थे। वह ममेरे भाई आशिक और सुनिता के देवर छोटू सरियाम के साथ कमरे में सो रही थी। इसी बीच चिकू का दोस्त राहुल एक मोबाइल लेकर आया और कहने लगा कि चिकू से बात कराई। चिकू बोला- तेरी किससे शादी जुड़ रही है, उसका नंबर दे और गालियां देने लगा। मोबाईल कटने के बाद वह सो गई।
आधी रात के बाद आ गया घर
रात करीब 1 बजे चिकू उसके घर की खिड़की के पास आया और पत्थर मारकर उसे जगाया। वह बोला कि तेरी बहन और जीजा का नंबर लाकर दे। नंबर न ला सकी तो चिकू उसे गालियां देने लगा। उसी समय चिकू ने अपने दोस्त रितेश और एक नाबालिग को वहां बुलाया। थोड़ी देर बाद चिकू की मां माया वहां आई और उसके जीजा लंकेश की कॉलर पकड़ ली। रितेश ने लंकेश को पीछे से थप्पड़ मुक्कों से मारा, कमरे में सो रहे आशिक और छोटू भी उठ गये।
घर में घुस कर मार दिया चाकू
अभियुक्त चिकू, माया, रितेश तथा नाबालिग उनके घर के अंदर घुस गये और चाकू से छोटू के गले में मारा। उसे खींचकर बाहर निकाला और पानी के टांके में गिरा दिया। छोटू को छुड़ाने की कोशिश करने पर लंकेश को भी चाकू से मारा जो उसके सीने में लगा। सुनीता ने बचाव करने की कोशिश की तो उसे चाकू से बांये हाथ में चोट आई। उसने बचाने की कोशिश की तो चिकू ने गर्दन में चाकू से मारा।
आरोप सिद्ध होने पर सुनाई गई सजा
फरियादी की रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर घटना में छोटू की मृत्यु हो जाने तथा लंकेश को प्राणघातक चोटें होने से अपराध का अनुसंधान करते हुए चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। यहां अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में सफल रहा, जिस पर आरोपियों को सजा सुनाई गई। एक आरोपी के नाबालिग होने से उसका मामला किशोर न्यायालय को भिजवाया गया था।

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