Betul Panchayat Secretary Transfer: पंचायत सचिवों के तबादले पर कानूनी लड़ाई शुरू, हाईकोर्ट ने सुनवाई से पहले दिया यह आदेश
Betul Panchayat Secretary Transfer: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। ट्रांसफर होने पर अमूमन अधिकारी वर्ग ही हाईकोर्ट की शरण लेते हुए नजर आते हैं, लेकिन अब पंचायतों में पदस्थ सचिव भी इस मामले में पीछे नहीं रह रहे हैं। यह बात अलग है कि इनके तबादले जिले के जिले में ही हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद विभिन्न कारणों का हवाला देते हुए अभी तक 9 पंचायत सचिव अपने तबादलों के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर चुके हैं। इस पर इन्हें सक्षम अधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करने के निर्देश कोर्ट द्वारा दिए गए हैं।
जिले में 554 ग्राम पंचायतें हैं। हालांकि सचिव इतने न होकर 480 से 490 ही वर्तमान में हैं। इन सचिवों का शासन द्वारा तय किए गए मापदंडों के आधार पर 15 जून 2026 को तबादला किया गया था। जिले में 75 पंचायत सचिवों का जिले के जिले में ही तबादला किया गया था। हालांकि इनकी जनपद पंचायत बदल दी गई थी और जिस जनपद क्षेत्र में वे पदस्थ थे, उसकी बजाय अन्य जनपद क्षेत्र में इनका तबादला किया गया है। इनमें से कुछ ने जहां नई ग्राम पंचायत में ज्वाइनिंग दे दी है, वहीं कुछ पंचायत सचिव अपने स्थानांतरण से संतुष्ट नहीं हैं। कुछ की अपनी निजी समस्याएं हैं, जिससे वे उन पंचायतों में नहीं जाना जाना चाह रहे हैं, जहां उन्हें स्थानांतरित किया गया है। यही कारण है कि अब अपने तबादले के विरूद्ध उच्च न्यायालय में अपील कर रहे हैं।
बीमारी और देखभाल का दिया हवाला
हाईकोर्ट की शरण लेने वाले पंचायत सचिवों में से किसी ने नई पंचायत की अधिक दूरी होने की बात कही है तो किसी ने अपनी गंभीर बीमारी का हवाला दिया है। किसी ने अपने वृद्ध माता-पिता की देखभाल की बात कही है तो किसी ने अन्य कारण बताते हुए न्यायालय से गुहार लगाई है कि उन्हें अपने स्थानांतरण पर स्टे दिया जाए और यथावत उसी पंचायत में रखा जाएं, जहां वे वर्तमान में पदस्थ हैं। कुछ ने अन्य कारण भी अपना तबादला रूकवाने के लिए बताए हैं।
अभी तक इतने सचिवों के पहुंचे मामले
जिले में अभी तक 9 पंचायत सचिवों के मामले जिला पंचायत में पहुंच चुके हैं, जिन्होंने कि अपने तबादले के विरोध में हाईकोर्ट की शरण ली है। हालांकि हाईकोर्ट ने इनके मामलों में सीधे सुनवाई न कर इन सचिवों को ही निर्देश दिए हैं कि वे इस संबंध में सक्षम अधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करें। यहां अभ्यावेदन प्रस्तुत करने पर 30 दिन में सुनवाई कर इनके मामलों में निर्णय करना होगा। संभावना जताई जा रही है कि हाईकोर्ट पहुंचने वाले सचिवों की संख्या और बढ़ सकती है।
यह पंचायत सचिव पहुंचे थे हाईकोर्ट
जिले के जिन पंचायत सचिवों ने हाईकोर्ट की शरण ली है, उनमें नारायण अतुलकर को बैतूल की भयावाड़ी से भीमपुर की उती, हेमराज घोरसे को आठनेर की हिड़ली से भीमपुर की केकड़िया कलां, हेमराज साहू को मुलताई की सरई से बैतूल की लाखापुर, नंदलाल जगेदकर को भीमपुर की महतपुर जावरा से मुलताई की जामगांव, शकुन पंडोले को भीमपुर की पिपरिया गुरवा से चिचोली की टोकरा, राजेंद्र गंगारे को आमला की ठानी से भैंसदेही की खोमई, गजेंद्र सिकरवार को आमला की छावल से शाहपुर की फोफल्या, नरेश भारद्वाज को आमला की खांडे पिपरिया से भैंसदेही की खामला और भूपेंद्र वर्मा को शाहपुर की मूढ़ा पंचायत से प्रभातपट्टन की जामठी सवासन पंचायत स्थानांतरित किया गया है।

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