मीठा खाने के शौकीन हो जाएं सावधान! रोजाना चीनी पहुंचा सकती है दिल को नुकसान
हृदय रोग और उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) की चर्चा होने पर अक्सर अत्यधिक नमक के सेवन को ही सबसे बड़ा गुनहगार माना जाता है। हालांकि, स्वास्थ्य विज्ञान के नए शोध इस बात की ओर इशारा करते हैं कि केवल नमक ही आपके दिल का इकलौता दुश्मन नहीं है। नमक की ही तरह भोजन में चीनी की अधिकता भी हृदय की सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। हमारी रोजमर्रा की आदतें जैसे चाय में अतिरिक्त शक्कर लेना, बिस्कुट, कोल्ड ड्रिंक्स और आइसक्रीम जैसी चीजों का अनियंत्रित सेवन, धीरे-धीरे कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम को कमजोर करने लगता है। आम तौर पर लोग मानते हैं कि तैलीय भोजन, घी या कोलेस्ट्रॉल ही दिल की बीमारी की मुख्य वजह हैं, परंतु वास्तव में शर्करा का उच्च स्तर मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस, फैटी लिवर और हानिकारक कोलेस्ट्रॉल (LDL) को बढ़ाकर सीधे तौर पर हृदय घात के जोखिम को आमंत्रित करता है।
छिपी हुई शर्करा और शरीर पर इसका हानिकारक प्रभाव
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकांश लोग अनजाने में तय सीमा से कहीं अधिक मीठे का सेवन कर रहे होते हैं। कई बार जिन पैकेज्ड फूड्स, सॉस, ब्रेड और स्नैक्स का स्वाद मीठा नहीं भी होता, उनमें भी भारी मात्रा में 'हिडन शुगर' यानी छिपी हुई चीनी मौजूद होती है। जैविक रूप से चीनी पाचन के बाद ग्लूकोज में परिवर्तित होकर ऊर्जा देती है, लेकिन जब इसकी मात्रा शरीर की आवश्यकता से अधिक हो जाती है, तो लीवर इस अतिरिक्त ग्लूकोज और फ्रुक्टोज को फैट (वसा) के रूप में जमा करने लगता है। यही वसा धीरे-धीरे धमनियों और रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ाती है। जहां तक फलों का सवाल है, उनमें पाई जाने वाली प्राकृतिक शर्करा के साथ फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो ग्लूकोज के अवशोषण को धीमा करते हैं, इसलिए वे नुकसानदेह नहीं हैं, बशर्ते मधुमेह के रोगी इन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही खाएं।
दैनिक सुरक्षित सीमा और एडेड शुगर का गणित
हृदय को सुरक्षित रखने के लिए डॉक्टरों द्वारा एडेड शुगर (बाहर से मिलाई गई चीनी) की एक सुरक्षित सीमा तय की गई है। सामान्य तौर पर महिलाओं के लिए प्रतिदिन लगभग 25 ग्राम (6 छोटी चम्मच) और पुरुषों के लिए लगभग 36 ग्राम (9 छोटी चम्मच) चीनी का सेवन सुरक्षित माना जाता है। चौंकाने वाली बात यह है कि बाजार में मिलने वाली मात्र एक केन कोल्ड ड्रिंक या पैकेज्ड जूस में ही इस निर्धारित सीमा से अधिक चीनी मौजूद होती है। यही कारण है कि डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों को खरीदते समय उनके लेबल को ध्यान से पढ़ना और अपनी आहार शैली के प्रति सचेत रहना बेहद जरूरी हो गया है।
दिल को दीर्घायु और सेहतमंद बनाने के जरूरी उपाय
कार्डियक हेल्थ को दुरुस्त रखने के लिए सिर्फ खान-पान में नमक और चीनी की कटौती करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि एक अनुशासित जीवनशैली अपनाना भी बेहद आवश्यक है। इसके लिए प्रतिदिन नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम करना, धूम्रपान और तंबाकू जैसे हानिकारक व्यसनों से पूरी तरह दूर रहना, 7 से 8 घंटे की गहरी नींद लेना तथा मानसिक तनाव को नियंत्रित रखना अनिवार्य है। इसके साथ ही, किसी भी संभावित खतरे से समय रहते बचने के लिए नियमित अंतरालों पर ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और लिपिड प्रोफाइल (कोलेस्ट्रॉल) की चिकित्सकीय जांच कराते रहना चाहिए।

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