IMD का बड़ा अलर्ट: छत्तीसगढ़ के 10 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, जानें कहां कितना असर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता के चलते लगातार मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी 24 से 48 घंटों के भीतर राज्य के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार से लेकर अत्यंत भीषण बारिश होने की चेतावनी साझा की है। हालात की गंभीरता को देखते हुए विभाग की ओर से रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने आम जनता से बेहद सतर्क रहने और सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पूरी मुस्तैदी से पालन करने का आग्रह किया है। इस दौरान बादलों की आवाजाही और तीव्र बौछारों का यह सिलसिला पूरे प्रदेश को तरबतर कर रहा है।
दस जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी
प्राकृतिक आपदा से सुरक्षा के मद्देनजर मौसम वैज्ञानिकों ने रायपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार, राजनांदगांव, बेमेतरा, महासमुंद, बालोद, धमतरी, गरियाबंद और सारंगढ़-बिलाईगढ़ सहित कुल 10 जिलों के लिए रेड अलर्ट घोषित किया है। इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में अप्रत्याशित रूप से बहुत तेज बरसात होने की आशंका है। इसके अतिरिक्त, कबीरधाम, कांकेर और बस्तर जैसे जिलों को ऑरेंज श्रेणी में रखा गया है, जबकि सुकमा, बीजापुर और जशपुर के सुदूर इलाकों के लिए येलो अलर्ट की घोषणा की गई है। अनुमान है कि अगले दो दिनों तक बादलों का यह डेरा और पानी बरसने का क्रम लगातार बना रहेगा, जिससे जनजीवन व्यापक रूप से प्रभावित हो सकता है।
आगामी दो दिनों का पूर्वानुमान और सुरक्षा उपाय
मौसम की इस प्रतिकूल स्थिति को देखते हुए दूसरे चरण के तहत भी कबीरधाम, राजनांदगांव, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और मुंगेली समेत कई अन्य जिलों को हाई अलर्ट यानी रेड जोन में रखा गया है। लगातार होने वाली इस बारिश की वजह से शहरी और ग्रामीण इलाकों में जलभराव, रास्तों पर फिसलन, यातायात व्यवस्था के ठप होने तथा नदी-नालों के जलस्तर में अचानक तीव्र उछाल आने का खतरा मंडरा रहा है। आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग ने नागरिकों को बहुत जरूरी न होने पर यात्रा टालने की सलाह दी है। साथ ही, निचले रिहाइशी इलाकों, रपटों और पुल-पुलियों के पास न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
हाईवे पर बाढ़ जैसे हालात और जनजीवन प्रभावित
इधर कांकेर जिले के चारामा क्षेत्र से आ रही खबरों के मुताबिक, थम-थम कर हो रही भारी बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-30 जलमग्न हो गया है। मुख्य मार्ग पर करीब एक फीट तक पानी जमा हो जाने से पूरी सड़क ने किसी तालाब का रूप अख्तियार कर लिया है। हाईवे पर जलभराव के इस संकट की वजह से लंबी दूरी के वाहनों के पहिए थम गए हैं और स्थानीय राहगीरों को आवागमन में भारी दिक्कतों और खतरों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

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