Amla Ration Scam: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण की व्यवस्था को हाईटेक और पारदर्शी बनाने के बावजूद कई सेल्समैन अभी भी तगड़ी हेराफेरी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में आमला क्षेत्र की 2 राशन दुकानों से जांच-पड़ताल में 10 लाख, 30 हजार, 025 रुपये कीमत का खाद्यान्न गायब मिला है। वहीं उपभोक्ताओं ने अंगूठा लगाने के बावजूद राशन नहीं देने के आरोप लगाए हैं। इस पर खाद्य विभाग ने उक्त सेल्समैन के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराई है। 

आमला तहसील अंतर्गत बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति छिपन्या पिपरिया द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान छिपन्या पिपरिया और नरेरा में राशन का वितरण नियमानुसार नहीं करने और उपभोक्ताओं से पीओएस मशीन में अंगूठा लेने के बावजूद राशन प्रदान न कर बड़ी मात्रा में राशन खुर्द-बुर्द किए जाने की शिकायत की गई थी। इस पर खाद्य विभाग द्वारा मामले की जांच की गई। जांच के दौरान दुकानों के भौतिक स्टाक का मिलान एईपीडीएस पोर्टल पर दर्ज ऑनलाइन स्टाक से किया गया। जांच में इन दोनों ही दुकानों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद आमला एसडीएम की ओर से कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी धर्मदास दीवान ने आमला थाने में सेल्समैन गोवर्धन पिता मेहंगू पंवार के विरूद्ध धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है। 

राशन दुकानों में इतना खाद्यान्न गायब 

जिला आपूर्ति अधिकारी केके टेकाम ने बताया कि शासकीय उचित मूल्य दुकान छिपन्या पिपरिया में 16932.68 किलोग्राम गेहूं, 4130.44 किलोग्राम फोर्टिफाइड चावल, 18 किलोग्राम शक्कर, 261 किलोग्राम नमक, 9 किलोग्राम फोर्टिफाइड नमक कम पाया गया। कम पाए गए कुल खाद्यान्न का बाजार मूल्य 6 लाख, 46 हजार, 640 रुपये हैं। इसी तरह शासकीय उचित मूल्य दुकान नरेरा में 9767.93 किलोग्राम गेहूं, 2653.79 किलोग्राम फोर्टिफाइड चावल, 13 किलोग्राम शक्कर, 37 किलोग्राम नमक और 11 किलोग्राम फोर्टिफाइड नमक कम पाया गया। कम पाए गए खाद्यान्न का कुल बाजार मूल्य 10 लाख, 30 हजार, 025 रुपये है। 

उपभोक्ता बोले- हमें नहीं मिला राशन 

जांच-पड़ताल के दौरान अधिकारियों ने कुछ उपभोक्ताओं के भी बयान लिए। उपभोक्ताओं ने भी अपने बयान में सेल्समैन की कारगुजारी को लेकर बड़े खुलासे किए हैं। दो उपभोक्ताओं का शिकायत में हवाला देते हुए बताया गया है कि उन्होंने स्वीकार किया है कि सेल्समैन गोवर्धन पंवार द्वारा पीओएस मशीन में अंगूठा लगवाने के बावजूद भी माह मार्च, अप्रैल, मई और जून 2026 का खाद्यान्न उन्हें प्रदान नहीं किया गया। इससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। 

नोटिस का जवाब तक नहीं दिया गया

जांच के बाद इन अनियमितताओं को लेकर समिति प्रबंधक हंसलाल उईके एवं सेल्समैन गोवर्धन पंवार को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर 3 दिनों में जवाब तलब किया गया था। इस पर समिति प्रबंधक ने जवाब भी प्रस्तुत किया और उसे संतोषप्रद भी पाया गया। इसके विपरीत सेल्समैन गोवर्धन पंवार द्वारा इस समयावधि में किसी भी प्रकार का कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इससे भी यह साफ होता है कि सेल्समैन द्वारा जानबूझकर पात्र उपभोक्ताओं को शासन की लाभकारी योजना से वंचित कर अन्यत्र लाभ कमाने के उद्देश्य से शासकीय राशन सामग्री को खुर्द-बुर्द किया।