Betul Pipeline Leak: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। लगातार जल संकट झेल रहे नगरवासियों की तीखी आलोचना और सोशल मीडिया पर लगातार हो रहे हमलों से परेशान नगर पालिका ने कॉलेज चौक पर फूटी पाइप लाइन के संबंध में थक-हार कर अपनी सफाई जारी की है। कॉलेज चौक सौंदर्यीकरण और चौड़ीकरण के नाम पर हुए घटिया निर्माण और बार-बार पाइप लाइन फूटने के चलते नगर पालिका को सोशल मीडिया और अखबारों के माध्यम से आलोचना का शिकार होना पड़ रहा है। अब रविवार को नगर पालिका ने एक लंबा-चौड़ा प्रेस नोट जारी कर सफाई दी है और कहा है कि स्थाई समाधान के चलते कार्य में विलंब हो रहा है। 

पिछले कई दिनों से कॉलेज चौक पर नगर पालिका की पाइप लाइन का सुधार कार्य चल रहा है। इस कार्य में हो रही देरी और इससे आवागमन में हो रही परेशानी का मुद्दा शहर और सोशल मीडिया पर चर्चा और बहस का विषय बना हुआ है। इसे देखते हुए नगर पालिका ने बयान जारी कर विस्तार से जानकारी दी है कि इस कार्य में आखिर देरी क्यों हो रही है। नपा ने साफ कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था का अस्थाई समाधान उसका उद्देश्य नहीं है ताकि वह स्थाई समाधान चाहती है, ताकि नगरवासियों को बाद में परेशानी न हो। इसलिए इस कार्य में थोड़ी देरी हो रही है। 

रविवार को जारी प्रेस नोट में नगर पालिका की ओर से जानकारी दी गई है कि कॉलेज चौक स्थित मुख्य पेयजल पाइप लाइन पर विगत लगभग दो माह से लीकेज की समस्या बनी हुई थी। उस अवधि में नगर में भीषण ग्रीष्म ऋतु एवं पेयजल की अत्यधिक मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया कि तत्काल खुदाई एवं स्थाई मरम्मत का कार्य प्रारंभ न किया जाएं। ऐसा करने पर नगर के बड़े हिस्से में कई दिनों तक पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो सकती थी। नपा का उद्देश्य केवल लीकेज बंद करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी था कि किसी परिवार को प्यास और परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्थिति सामान्य होते ही सुधार शुरू 

स्थिति सामान्य होते ही 27 जून से स्थाई मरम्मत हेतु खुदाई कार्य प्रारंभ किया गया। खुदाई के दौरान प्रथम दृष्टया 3 लीकेज चिन्हित हुए, जिनकी तकनीकी मानकों के अनुरूप 28 जून को मरम्मत की गई। मरम्मत के पश्चात जॉइंट की गुणवत्ता, मजबूती एवं दीर्घकालिक स्थायित्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पाइप लाइन को 3 दिन यानी 1 जुलाई तक परीक्षण हेतु रखा गया।

टी-जॉइंट में फिर मिला बारीक लीकेज 

परीक्षण के उपरांत 2 जुलाई को सीसी कार्य प्रारंभ करने से पूर्व पुन: तकनीकी निरीक्षण किया गया। जिसमें 3 में से 2 लीकेज पूर्णत: बंद पाए गए। जबकि टी-जॉइंट के कॉर्नर से बेहद सूक्ष्म रिसाव देखा गया। परीक्षण में यह भी पाया गया कि उक्त स्थान पर पाइप लाइन जिग-जैग पैटर्न में बिछी हुई है तथा 235 एचपी क्षमता की मोटर के उच्च दाब से इसी जॉइंट के माध्यम से नगर की 8 टंकियों तक पेयजल आपूर्ति की जाती है। स्वाभाविक रूप से इस जॉइंट पर सामान्य से अधिक दबाव बना रहता है।

सोमवार को की जाएगी इसकी मरम्मत

इस सूक्ष्म रिसाव का भी स्थाई एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने हेतु पुन: मरम्मत कार्य 6 जुलाई को प्रस्तावित किया गया है। तत्काल मरम्मत इसलिए नहीं की गई, क्योंकि विगत 4-5 दिनों तक पाइप लाइन बंद रहने से नगर के अनेक क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रभावित रही और नागरिकों को असुविधा हुई। यदि उसी समय पुन: पाइप लाइन बंद कर दी जाती, तो यह परेशानी और कई दिनों तक बढ़ जाती। इसलिए पहले लंबित जलापूर्ति को सुचारु करना अधिक आवश्यक समझा गया। नगर पालिका ने यह निर्णय किसी दबाव में नहीं, बल्कि तकनीकी विशेषज्ञों की सलाह, जनहित और दीर्घकालिक समाधान—इन तीनों पहलुओं को ध्यान में रखकर लिया है।

मरम्मत के बाद की जाएगी टेस्टिंग 

5 जुलाई की रात्रि तक निर्धारित जलापूर्ति पूर्ण किए जाने के उपरांत टी-जॉइंट की पुन: मरम्मत की जाएगी। इसके पश्चात पाइप लाइन को पुन: लगभग 3 दिन परीक्षण हेतु रखा जाएगा तथा पूर्ण संतोषजनक परिणाम प्राप्त होने एवं किसी भी प्रकार का रिसाव न पाए जाने पर ही गड्ढे की भराई एवं सीसी कार्य पूर्ण किया जाएगा। नगर पालिका का उद्देश्य आने वाले वर्षों तक नागरिकों को निर्बाध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने योग्य स्थाई व्यवस्था करना है। इसी उद्देश्य से तकनीकी टीम लगातार निगरानी एवं कार्य कर रही है।

शहरवासियों से नपा की यह अपील 

नगर पालिका ने शहरवासियों से आग्रह किया है कि इस अस्थाई असुविधा को स्थाई समाधान की दिशा में उठाया गया एक आवश्यक कदम समझें। आपका धैर्य, सहयोग और विश्वास ही हमें बेहतर कार्य करने की शक्ति देता है। हमें विश्वास है कि कुछ दिनों की यह कठिनाई भविष्य में लंबे समय तक निर्बाध पेयजल व्यवस्था का आधार बनेगी।

आगे पाठ, पीछे सपाट की तर्ज पर चल रही नगर पालिका 

बीते लगभग 3 माह से आए दिन अखबारों में नगर पालिका बैतूल की वीर गाथाएं छप रही हैं। जबकि वस्तुस्थिति इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही हैं। मीडिया की सुर्खियों में रहने के लिए आए दिन नए-नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं और नगरवासियों को शेख चिल्ली के हसीन सपने दिखाए जा रहे हैं। वास्तविकता में स्थिति इसके विपरीत है। नगर पालिका सीएमओ नवनीत पांडेय आए दिन नगर पालिका के माध्यम से होने वाले विकास और निर्माण कार्यों सहित प्राथमिकता वाले प्रोजेक्टों का निरीक्षण करते हैं और कड़े निर्देश के साथ टाइम लिमिट भी तय करते हैं, बावजूद इसके शहर के हालात किसी से छिपे नहीं हैं।

नगर पालिका चुनाव को लगभग एक वर्ष का समय बचा है। बारिश का दौर शुरू होने के साथ ही पूरे शहर की सड़कों की पोल खुल गई है। लोग गड्ढों में सड़क ढूंढ रहे हैं। मंडी कॉम्पलेक्स की बात हो या गांधी चौक पर बनने वाली अंडरग्राउंड पार्किंग की बात हो या फिर एचडीएफसी बैंक के सामने बनी सड़क के बीच बनने वाले डिवाइडर का मामला हो, सभी मामलों में ढांक के तीन पात जैसी स्थिति नजर आती है। सीएमओ अपने अंदाज में निर्देश और कार्रवाई की बात करते हैं, लेकिन उसका फालोअप और असर कहीं भी नजर नहीं आता है। नगर पालिका को प्रचार-प्रसार पर थोड़ा कम ध्यान देकर वास्तविक कार्य पर ध्यान देना चाहिए, नहीं तो अखबारों में जैसी वीरगाथाएं छप रही हैं, वैसी ही पोलपट्टी खुलना भी शुरू हो जाएंगी।