रिश्वतखोरी पर बड़ी कार्रवाई, कृषि मंत्री के OSD सहित तीन कर्मचारी निलंबित
भोपाल। मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना के ओएसडी (विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी) अशोक कुमार बाथम सहित उनके निज सहायक (PA) दिनेश भकोरिया और स्टेनो टाइपिस्ट अंकित अवधिया को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। इन तीनों पर सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर (तबादले) कराने के बदले लाखों रुपये की रिश्वत मांगने के बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। एक स्टिंग ऑपरेशन में रिश्वत मांगते हुए वीडियो सामने आने और शुरुआती जांच में दोषी पाए जाने के बाद सरकार ने यह बड़ी कार्रवाई की है।
तबादलों के नाम पर की थी 5 से 15 लाख की डील
दरअसल, राज्य सरकार ने हाल ही में 1 से 16 जून के बीच सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर पर से प्रतिबंध हटाया था। इसी का फायदा उठाते हुए इन कर्मचारियों ने कृषि विस्तार अधिकारी, नर्स और वन रक्षक के तबादले के लिए 5 से 15 लाख रुपये तक की बड़ी डील कर डाली थी। कृषि विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, शुरुआती जांच में मिले पुख्ता सबूतों के आधार पर मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के तहत ओएसडी अशोक कुमार बाथम को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें सीधी जिले के कृषि विभाग कार्यालय में अटैच किया गया है। बाथम पर एक कृषि विस्तार अधिकारी के ट्रांसफर के बदले ₹2.50 लाख कैश मांगने का आरोप है।
स्टिंग ऑपरेशन में खुली पोल, पीए और स्टेनो भी नपे
इस पूरे खेल का खुलासा एक स्टिंग ऑपरेशन के जरिए हुआ, जिसमें इन कर्मचारियों के रिश्वत मांगने का वीडियो सामने आ गया। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने दो अलग-अलग आदेश जारी कर निज सहायक दिनेश भकोरिया और स्टेनो टाइपिस्ट अंकित अवधिया को भी सस्पेंड कर दिया।
आरोपों के मुताबिक, निज सहायक दिनेश भकोरिया ने एक नर्स के ट्रांसफर के लिए ₹3.50 लाख की मांग की थी, जिसके चलते उन पर सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत कार्रवाई हुई है। वहीं, स्टेनो टाइपिस्ट अंकित अवधिया पर आरोप है कि उन्होंने उसी नर्स के ट्रांसफर के लिए ₹5 लाख और एक वन रक्षक के तबादले के लिए ₹1.50 लाख की रिश्वत मांगी थी। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से मंत्रालय और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है।

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