बहराइच दरगाह में करोड़ों के चढ़ावे पर सवाल, एसआईटी जांच की मांग
बहराइच। उत्तरप्रदेश के बहराइच जिले में स्थित सालार मसूद गाजी दरगाह बड़े वित्तीय घोटाले के आरोपों से घिर गई है। दरगाह में चढ़ावे की राशि और संपत्तियों के प्रबंधन में कथित तौर पर सैकड़ों करोड़ रुपये की अनियमितता का मामला सामने आया है, इसके बाद स्वतंत्र जांच की मांग तेज हुई है। वक्फ बोर्ड की जांच और जिला प्रशासन की रिपोर्ट ने दरगाह कमेटी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि दरगाह कमेटी बीते 10 वर्षों के वित्तीय लेनदेन से जुड़े कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सकी है। इसके अलावा, दरगाह में हुई नियुक्तियों की प्रक्रिया भी संदेह के घेरे में है। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
लोगों और पुराने खादिमों के परिजनों का आरोप है कि बीते करीब 20 वर्षों से दरगाह का नियमित ऑडिट नहीं कराया गया है, जिसके चलते चढ़ावे और मेले के दौरान दुकानों के आवंटन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि अनियमितताओं की यह राशि 100 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और गहन जांच की मांग की जा रही है।
मामले की गंभीरता तब और बढ़ती है, जब यह सामने आया कि दरगाह के मौजूदा मैनेजर पर पहले से ही गबन के तीन मुकदमे दर्ज हैं। यह देखकर समुदाय और दरगाह से जुड़े लोग पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराने की मांग कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।
बहराइच की सालार मसूद गाजी दरगाह देश की प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु अपनी आस्था लेकर पहुंचते हैं। बीते दो वर्षों से मेला के आयोजन पर प्रतिबंध के बावजूद भी बड़ी संख्या में लोग चादर चढ़ाते हैं और मन्नतें मांगते हैं, जिससे चढ़ावे की राशि काफी अधिक होती है। जिला प्रशासन ने शिकायतों के बाद एक तीन-सदस्यीय जांच समिति गठित की थी, जिसकी रिपोर्ट अब जमा हो चुकी है। प्रशासन ने कहा है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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