खेत में काम करते समय हुआ दर्दनाक हादसा, बिजली गिरने से दंपती की मौत
सक्ती। छत्तीसगढ़ के कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में इन दिनों मानसून की मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आगामी 5 दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की गंभीर चेतावनी (अलर्ट) जारी की है। इसी बीच, छत्तीसगढ़ के नवनिर्मित सक्ती जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाले हादसे की खबर सामने आई है। यहाँ मौसम खराब होने के दौरान खेत में कृषि कार्य कर रहे एक स्थानीय दंपति पर आकाशीय बिजली (गाज) गिर गई, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
बसंतपुर गांव में पसरा मातम, अचानक बदली मौसमी परिस्थिति बनी काल
यह दुखद घटना सक्ती जिले के डभरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बसंतपुर की है। प्राकृतिक आपदा का शिकार हुए मृतकों की पहचान 50 वर्षीय आनंद राम माली और उनकी 45 वर्षीय पत्नी धोबनीन माली के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार को दोनों हमेशा की तरह अपने खेत में खरीफ फसल की तैयारी और काम करने गए हुए थे। इसी दौरान अचानक आसमान में घने काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इससे पहले कि दोनों संभल पाते और सुरक्षित स्थान पर शरण लेते, तभी आसमान से कड़कड़ाती हुई बिजली सीधे उनके ऊपर आ गिरी। गाज की चपेट में आने से दंपति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
पुलिस ने शुरू की वैधानिक कार्रवाई, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
खेत में मौजूद अन्य ग्रामीणों द्वारा हादसे की सूचना दिए जाने के तुरंत बाद डभरा थाना पुलिस और भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद दोनों शवों का पंचनामा तैयार किया और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए स्थानीय अस्पताल भिजवा दिया। इस अप्रत्याशित हादसे के बाद से ही पूरे बसंतपुर गांव में मातम पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार के घर सांत्वना देने वालों की भीड़ लगी है। अपनों को खोने से परिजनों और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि मृतक दंपति अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिनके सिर से अब माता-पिता का साया उठ चुका है।
प्रशासन से तत्काल उचित मुआवजे की मांग, मौसम विभाग ने जारी की एडवायजरी
इस दुखद घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन से पीड़ित अनाथ बच्चों और परिवार को शीघ्र अति शीघ्र आपदा राहत कोष के तहत नियमानुसार उचित आर्थिक सहायता एवं मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है।
दूसरी ओर, प्रदेश में लगातार सक्रिय हो रहे मानसूनी सिस्टम को देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र ने आम जनता और विशेषकर किसानों के लिए विशेष एडवायजरी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों ने सख्त अपील की है कि जब भी आसमान में बादल कड़कें या बिजली चमके, तो खेतों में काम कर रहे लोग तुरंत वहां से हट जाएं। किसी भी परिस्थिति में ऊंचे पेड़ों के नीचे, बिजली के खंभों के पास या खुले मैदान में न छिपें, बल्कि पक्के मकानों या सुरक्षित इमारतों की शरण लें।

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