VIP संस्कृति से दूरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बेटे की शादी को रखा सादगीपूर्ण
भोपाल। आधुनिक दौर में जहां रसूखदार राजनीतिक और सामाजिक घरानों की शादियां आलीशान इंतजामात, वीआईपी हस्तियों की मौजूदगी और भारी-भरकम खर्चों के लिए सुर्खियों में रहती हैं, वहीं मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने एक अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने अपने सुपुत्र वरद खंडेलवाल और कुमारी आशी के विवाह संस्कार को अत्यधिक सादगी, उच्च पारिवारिक आदर्शों और पारंपरिक मूल्यों के साथ संपन्न कराकर समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
बिना किसी वीआईपी जमावड़े के बेहद सादा समारोह
बीते 3 जुलाई को उदयपुर में आयोजित हुए इस वैवाहिक कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि इसमें किसी भी बड़े राजनेता, मंत्री, जनप्रतिनिधि, नौकरशाह या उद्योगपति को न्यौता नहीं दिया गया था। अमूमन सत्ताधारी दल के बड़े पदों पर बैठे चेहरों के पारिवारिक आयोजनों में दिखने वाली सियासी भीड़भाड़ से इतर यह शादी पूरी तरह से गैर-राजनीतिक रही। पूरे मांगलिक कार्यक्रम को बेहद शांत और शालीन माहौल में सिर्फ दोनों पक्षों के पारिवारिक सदस्यों और कुछ बेहद करीबी रिश्तेदारों की उपस्थिति में ही पूरा किया गया।
मात्र 50 करीबियों के बीच व्यक्तिगत आमंत्रण से शादी
सामने आई जानकारियों के मुताबिक, इस पूरे मांगलिक उत्सव में दोनों पक्षों की तरफ से कुल मिलाकर सिर्फ 50 चुनिंदा मेहमान ही शामिल हुए। इस विवाह की सादगी का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इसके लिए पारंपरिक रूप से भारी संख्या में कोई भव्य निमंत्रण पत्र (कार्ड) भी नहीं छपवाए गए थे और न ही किसी तरह का कोई आडंबर या दिखावा किया गया था। केवल बेहद नजदीकी रिश्तेदारों को व्यक्तिगत रूप से सूचित कर इस मिलन का गवाह बनने के लिए बुलाया गया था।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सराहा हेमंत खंडेलवाल का निर्णय
सत्ता और संगठन के शीर्ष पायदान पर होने के बावजूद हेमंत खंडेलवाल द्वारा लिए गए इस फैसले की राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में जमकर तारीफ हो रही है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी एक विशेष वीडियो जारी कर नवविवाहित जोड़े को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं और इस सादगीपूर्ण कदम की खुलकर सराहना की है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने अपने हालिया कुकरू दौरे के दौरान एक चौपाल कार्यक्रम में खुद इस बात का जिक्र करते हुए कहा था कि प्रदेश अध्यक्ष अपने बेटे का विवाह महज 50 लोगों की उपस्थिति में कर रहे हैं और इसमें वे खुद भी शामिल नहीं होंगे, जिसका वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी देखा जा रहा है।

Betul Air Force Candidate Death: एयरफोर्स ज्वाइनिंग से एक दिन पहले युवक की मौत, कुएं में मिला शव, सड़क पर उतरे ग्रामीण
Madhya Pradesh Bus Strike: 7 अगस्त तक सरकार को अल्टीमेटम, नहीं मानी मांगें तो थम जाएंगे बसों के पहिए
Betul Land Encroachment: सरकारी जमीन पर कब्जे का बड़ा खेल, जांच में सामने आए 27 अतिक्रमण
Outsource Employees Salary: सीएमएचओ कार्यालय पर गंभीर आरोप, सफाईकर्मियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को नहीं मिल रहा पूरा वेतन
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान