केतन हत्याकांड: कोडवर्ड में होती थी सिया-चेतन की चैट, जांच में उलझी पुलिस
पुणे। महाराष्ट्र के हाई-प्रोफाइल और बेहद चर्चित कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड के मुख्य आरोपियों—सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी—को पुलिस रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद शुक्रवार को पुणे जिले की वडगांव मावल अदालत में दोबारा पेश किया गया। इस बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत परिसर और उसके आसपास के पूरे इलाके में पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के बेहद कड़े और पुख्ता इंतजाम किए गए थे। अदालत में दोनों पक्षों की ओर से चली लंबी और तीखी कानूनी जिरह के बाद, माननीय न्यायालय ने दोनों मुख्य आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेजने का कड़ा आदेश सुनाया है, जिसके तहत दोनों आरोपी अब 16 जुलाई तक जेल की सलाखों के पीछे रहेंगे।
चैट में कोड भाषा का इस्तेमाल करती थी सिया, पुलिस की अतिरिक्त रिमांड अर्जी खारिज
आरोपियों की पुलिस रिमांड खत्म होने पर लोनावला ग्रामीण पुलिस ने उन्हें न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ए.एम. विभूते की अदालत में पेश किया था।
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पुलिस की दलील: सरकारी वकील और पुलिस अधिकारियों ने अदालत से दोनों आरोपियों की तीन दिन की अतिरिक्त पुलिस रिमांड मांगी। पुलिस ने दलील दी कि सिया गोयल और चेतन चौधरी के मोबाइल फोन से जो व्हाट्सएप चैट्स और अन्य डिजिटल डेटा बरामद हुए हैं, वे सामान्य शब्दों में न होकर विशेष प्रकार के गुप्त संकेतों और रहस्यमयी 'कोड भाषा' (Code Language) में हैं। पुलिस का कहना था कि हत्या की इस गहरी साजिश की कड़ियों को पूरी तरह जोड़ने और इन कोड्स का वास्तविक मतलब समझने के लिए आरोपियों से हिरासत में गहन पूछताछ करना बेहद जरूरी है।
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बचाव पक्ष का विरोध: दूसरी तरफ, दोनों आरोपियों के डिफेंस वकीलों ने पुलिस की इस मांग का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि पुलिस को पहले ही पूछताछ और साक्ष्य जुटाने के लिए पर्याप्त समय मिल चुका है और अब उनके मुवक्किलों को और अधिक पुलिस हिरासत में रखने का कोई कानूनी औचित्य नहीं है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पुलिस की अतिरिक्त रिमांड की मांग को खारिज कर दिया और आरोपियों को जेल भेज दिया।
सीन री-क्रिएशन और डिजिटल सबूतों की रिकवरी, सिया के घर से महत्वपूर्ण कपड़ा जब्त
अदालत की कार्रवाई से पहले पुलिस इस खौफनाक हत्याकांड की तह तक जाने के लिए लगातार सबूत जुटाने में व्यस्त थी। पुलिस जांच टीम 2 जुलाई को मुख्य आरोपी सिया गोयल को लेकर पुणे के मार्केट यार्ड स्थित उसके आलीशान निवास स्थान पर पहुंची थी।
महत्वपूर्ण सबूत बरामद: सघन तलाशी के दौरान पुलिस ने सिया के कमरे से उसकी एक पैंट बरामद कर जब्त की है। पुलिस का दावा है कि वारदात के दिन सिया ने यही पैंट पहनी हुई थी और इस पर मिले फॉरेंसिक साक्ष्य (जैसे मिट्टी या अन्य तत्व) कोर्ट में आरोपियों को सजा दिलाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण सबूत साबित होंगे।
इसके अलावा, लोनावला ग्रामीण पुलिस ने गुरुवार को सिया और चेतन को आमने-सामने बैठाकर कई घंटों तक कड़ी पूछताछ की। मामले की कड़ियों को आपस में जोड़ने के लिए पुलिस दोनों आरोपियों को उस लोहगढ़ किले की पहाड़ी पर भी लेकर गई थी, जहां केतन अग्रवाल की हत्या की गई थी। वहां दोनों की मौजूदगी में पूरे घटनाक्रम का हूबहू 'सीन री-क्रिएशन' (Crime Scene Recreation) कराया गया, ताकि यह समझा जा सके कि केतन को पहाड़ी से नीचे किस तरह और किस जगह से धक्का दिया गया था।
कैमरे के सामने सिया गोयल का अहंकार, मीडियाकर्मियों को किया अभद्र इशारा
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मुख्य आरोपी सिया गोयल के व्यवहार ने कानून व्यवस्था और समाज को हैरान कर दिया है। गुरुवार को जब पुलिस टीम जांच और साक्ष्य जुटाने के सिलसिले में सिया को पुणे स्थित उसके घर से बाहर लेकर निकल रही थी, तब वहां भारी संख्या में मीडियाकर्मी कवरेज के लिए मौजूद थे।
सिया ने उस वक्त काले रंग की टी-शर्ट पहनी हुई थी और अपने चेहरे को पूरी तरह से एक प्रिंटेड स्कार्फ से ढका हुआ था। पुलिस की गाड़ी में बैठते समय उसने कैमरों की तरफ देखा और बिना किसी पछतावे या डर के, सरेआम मीडियाकर्मियों को अपनी 'मिडिल फिंगर' (Middle Finger) दिखाते हुए बेहद अभद्र और अश्लील इशारा कर दिया। सिया की इस शर्मनाक और अहंकार से भरी हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा है। लोगों ने एक मासूम कारोबारी की हत्या जैसे संगीन मामले में मुख्य आरोपी होने के बावजूद उसके इस अमानवीय, असंवेदनशील और उग्र व्यवहार की चौतरफा कड़ी आलोचना की है।
शादी के बहाने मौत के घाट उतारा; पहले भी की थी केतन को मारने की नाकाम कोशिश
पुलिस जांच में जो कहानी निकलकर सामने आई है, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से भी ज्यादा खौफनाक है। पुलिस के अनुसार, सिया गोयल और उसके मंगेतर केतन अग्रवाल की शादी दोनों परिवारों की पूरी रजामंदी से तय हो चुकी थी और इसी साल नवंबर में दोनों का भव्य विवाह होना तय था। लेकिन सिया का दिल अपने प्रेमी चेतन चौधरी के लिए धड़क रहा था। चेतन इस शादी से बिल्कुल खुश नहीं था और वह केतन को अपने और सिया के रिश्ते के बीच का सबसे बड़ा कांटा मानता था। इसी कांटे को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने के लिए सिया और चेतन ने मिलकर केतन की हत्या का एक खौफनाक जाल बुना।
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18 जून की वारदात: सिया योजना के तहत केतन को पुणे के पास स्थित ऐतिहासिक लोहगढ़ किले की पहाड़ी पर घुमाने ले गई। वहां मौका पाकर दोनों ने केतन को गहरी खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के तुरंत बाद सिया ने रोने का नाटक किया और पुलिस को गुमराह करते हुए बताया कि केतन का पैर फिसलने से यह भयानक हादसा हुआ है। पुलिस ने भी शुरुआत में इसे एक्सीडेंटल डेथ मान लिया था।
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बयानों में विरोधाभास और गिरफ्तारी: लेकिन जब पुलिस ने सिया से गहन पूछताछ शुरू की, तो उसके बयानों में कई तकनीकी विरोधाभास (बदलाव) मिले, जिससे पुलिस का शक गहरा गया। जब केतन और सिया के मोबाइल चैट्स खंगाले गए, तो हत्या की पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया और पुलिस ने सिया व उसके प्रेमी चेतन चौधरी को धारा 302 (हत्या) और आपराधिक साजिश के तहत गिरफ्तार कर लिया।
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पहले भी हुई थी कोशिश: पूछताछ में एक और हैरान करने वाला खुलासा हुआ कि 18 जून से पहले, यानी 14 जून को भी सिया ने केतन को इसी किले की ऊंची पहाड़ी से धक्का देकर मारने की कोशिश की थी। लेकिन उस समय केतन की किस्मत अच्छी थी और वह पहाड़ी के किनारे उगी घनी झाड़ियों को पकड़कर लटक गया और उसकी जान बच गई। उस समय केतन को शक न हो, इसलिए शातिर सिया ने तुरंत वहां 'सांप-सांप' देखने का नाटक किया और रोते हुए उसका ध्यान भटका दिया और केतन को यह भरोसा दिला दिया कि वह सिर्फ एक हादसा था। फिलहाल दोनों शातिर हत्यारे जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं और पुलिस कोर्ट में उनके खिलाफ पुख्ता चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है।

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