10वीं-12वीं फेल स्टूडेंट्स के लिए सुनहरा अवसर, ओपन परीक्षा का फॉर्म भरें
रायपुर: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल (माशिमं) की 10वीं और 12वीं की मुख्य बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे आने के बाद, जो छात्र-छात्राएं किसी वजह से अनुत्तीर्ण (फेल) हो गए हैं या जिन्हें पूरक (सप्लीमेंट्री) की पात्रता मिली है, उनके लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य शासन ने ऐसे सभी विद्यार्थियों के बहुमूल्य समय और साल को बर्बाद होने से बचाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल (CGSOS) द्वारा इन छात्र-छात्राओं को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़े रखने के लिए 'अवसर परीक्षा' यानी दूसरा मौका परीक्षा का विशेष आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए विभाग की ओर से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया को एक बार फिर गति दे दी गई है।
अब जो भी छात्र पूर्व में नियत समय पर अपना फॉर्म नहीं भर पाए थे, वे अब निर्धारित विलंब शुल्क (लेट फीस) का भुगतान करके इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, विलंब शुल्क के साथ ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 3 जुलाई से शुरू होकर 8 जुलाई तक तय की गई है। इस अंतिम अवसर के तहत अब तक बड़ी संख्या में छात्र आगे आ रहे हैं, जिसमें वर्तमान रिपोर्ट के मुताबिक 10वीं कक्षा के लिए 220 और 12वीं कक्षा के लिए 150 से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपना सफलतापूर्वक पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) करवा लिया है।
रिजल्ट सुधारने और भविष्य को संवारने का अंतिम अवसर, जानें क्या थे मुख्य बोर्ड परीक्षा के आंकड़े
छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल प्रशासन की ओर से दी गई इस महत्वपूर्ण पुनर-परीक्षा (री-एग्जाम) का मुख्य उद्देश्य केवल फेल छात्रों को पास कराना नहीं है, बल्कि उन छात्र-छात्राओं को भी एक शानदार मंच प्रदान करना है जो अपने पुराने परीक्षा परिणाम (डिवीजन या मार्क्स) से संतुष्ट नहीं हैं और उसे सुधारना चाहते हैं।
यदि हम शिक्षण सत्र 2025-26 के मुख्य बोर्ड परीक्षा के आंकड़ों और उनके परीक्षा परिणामों की विसंगतियों पर नजर डालें, तो स्थितियां कुछ इस प्रकार थीं:
-
कक्षा 10वीं की स्थिति: इस सत्र में हाई स्कूल (10वीं) की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए कुल 8,126 छात्र-छात्राओं का आधिकारिक पंजीयन हुआ था, जिसमें से 8,103 विद्यार्थियों ने वास्तविक रूप से परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर परीक्षा दिलाई थी। मुख्य परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद इनमें से कुल 793 छात्र-छात्राएं पूरक (सप्लीमेंट्री) की श्रेणी में आए थे।
-
कक्षा 12वीं की स्थिति: इसी प्रकार हायर सेकेंडरी (12वीं) की बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 10,683 छात्र-छात्राओं ने अपना पंजीकरण कराया था, जिनमें से 10,596 परीक्षार्थी परीक्षा में बैठे थे। जब इसका परिणाम आया, तो कुल 780 छात्र पूरक घोषित किए गए थे।
ओपन स्कूल अब इन सभी श्रेणियों के छात्र-छात्राओं को एक ही छत के नीचे दोबारा लिखित परीक्षा में बैठकर अपना परीक्षा परिणाम सम्मानजनक ढंग से सुधारने का यह अंतिम और स्वर्णिम अवसर प्रदान कर रहा है।
इन तीन कठिन विषयों में डूबी सबसे ज्यादा छात्रों की नैया, प्रभारी ने दी पूरी जानकारी
ओपन स्कूल के विभागीय विश्लेषण और प्रभारियों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, इस बार छत्तीसगढ़ बोर्ड की मुख्य परीक्षा में छात्र-छात्राओं को सबसे ज्यादा परेशानी तीन मुख्य विषयों में उठानी पड़ी है। अधिकांश बच्चे विज्ञान (Science), गणित (Mathematics) और अंग्रेजी (English) विषयों में या तो अनुत्तीर्ण हुए हैं या फिर उन्हें इन विषयों में पूरक की पात्रता मिली है। इन विषयों के कठिन पाठ्यक्रम और सही मार्गदर्शन की कमी के कारण छात्रों का प्रदर्शन प्रभावित हुआ।
तैयारी में जुटे छात्र: अपनी इस विफलता को सफलता में बदलने के लिए अब ये सभी बच्चे रात-दिन एक करके दोबारा अपनी किताबों और ओपन स्कूल के विशेष सिलेबस के साथ परीक्षा की तैयारियों में पूरी तरह जुट गए हैं।
ओपन स्कूल के मुख्य प्रभारी ने आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि पूर्व में शासन की ओर से ओपन स्कूल की इस अवसर परीक्षा में शामिल होने के लिए 25 मई से लेकर 30 जून तक का एक लंबा समय दिया गया था, जिसमें छात्र सामान्य परीक्षा शुल्क के साथ अपना आवेदन जमा कर सकते थे। चूंकि अब वह समय सीमा समाप्त हो चुकी है, इसलिए जो छात्र किसी कारणवश चूक गए थे, वे अब 500 रुपये की लेट फीस (विलंब शुल्क) के साथ आगामी 8 जुलाई तक हर हाल में अपना फॉर्म ऑनलाइन सबमिट कर सकते हैं। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में तारीख आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।
आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज हैं बेहद जरूरी? भूलकर भी न करें ये गलती
ओपन स्कूल प्रभारी ने छात्रों और अभिभावकों को विशेष रूप से सचेत करते हुए कहा है कि इस अवसर परीक्षा के ऑनलाइन फॉर्म को भरते समय उम्मीदवारों को बेहद सावधानी बरतनी होगी। आवेदन पत्र में अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारियों को त्रुटिहीन ढंग से भरने के साथ-साथ कुछ अनिवार्य दस्तावेजों (Documents) को डिजिटल रूप में अपलोड करना और उनकी हार्ड कॉपी जमा करना बेहद आवश्यक है:
-
पिछली कक्षा की मूल मार्कशीट (मार्कशीट की प्रति): जिस बोर्ड परीक्षा में छात्र फेल या पूरक आया है, उसकी आधिकारिक अंकसूची या इंटरनेट से डाउनलोड की गई प्रमाणित कॉपी।
-
वैध पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड): छात्र की सही पहचान, जन्मतिथि और पते की पुष्टि के लिए भारत सरकार द्वारा जारी वैध पहचान पत्र/आधार कार्ड की कॉपी।
-
पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर: हाल ही में खींची गई रंगीन फोटो और छात्र के स्पष्ट हस्ताक्षर।
विभाग ने साफ तौर पर स्पष्ट कर दिया है कि इन अनिवार्य दस्तावेजों की अनुपलब्धता या अधूरी जानकारी होने की स्थिति में छात्र का आवेदन पत्र तुरंत निरस्त (रिजेक्ट) कर दिया जाएगा और उन्हें परीक्षा में बैठने का प्रवेश पत्र (Admit Card) जारी नहीं किया जाएगा। इसलिए सभी छात्र समय रहते अपने नजदीकी ओपन स्कूल स्टडी सेंटर या अधिकृत चॉइस सेंटर पर जाकर अपने दस्तावेजों की सत्यता जांच लें और 8 जुलाई की अंतिम तिथि से पहले अपना फॉर्म लॉक करवा लें।

Betul Air Force Candidate Death: एयरफोर्स ज्वाइनिंग से एक दिन पहले युवक की मौत, कुएं में मिला शव, सड़क पर उतरे ग्रामीण
Madhya Pradesh Bus Strike: 7 अगस्त तक सरकार को अल्टीमेटम, नहीं मानी मांगें तो थम जाएंगे बसों के पहिए
Betul Land Encroachment: सरकारी जमीन पर कब्जे का बड़ा खेल, जांच में सामने आए 27 अतिक्रमण
Outsource Employees Salary: सीएमएचओ कार्यालय पर गंभीर आरोप, सफाईकर्मियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को नहीं मिल रहा पूरा वेतन
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान