रोहिंग्या को लेकर बांग्लादेश अलर्ट मोड में, सुरक्षा बढ़ाई गई
ढाका। म्यांमार के राखाइन राज्य में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। पिछले कुछ दिनों में म्यांमार की सेना ने यहाँ कई इलाकों पर भीषण हवाई हमले किए हैं। इन हमलों के बाद पड़ोसी देश बांग्लादेश की सीमा पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। जब हमले म्यांमार के भीतर हो रहे हैं, तो बांग्लादेश की सेना और सीमा सुरक्षा बल (BGB) के सतर्क होने की सबसे बड़ी वजह रोहिंग्या शरणार्थियों के नए पलायन का डर है। बांग्लादेश को आशंका है कि राखाइन में हिंसा बढ़ने पर हज़ारों रोहिंग्या नागरिक अपनी जान बचाने के लिए एक बार फिर सीमा पार कर बांग्लादेश में घुसने की कोशिश कर सकते हैं।
रोहिंग्या आबादी वाले इलाकों में भारी बमबारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, म्यांमार सेना के लड़ाकू विमानों ने मुख्य रूप से माउंगडॉ और बुथिडॉन्ग इलाकों को निशाना बनाया है, जहाँ बड़ी संख्या में रोहिंग्या आबादी रहती है। हाल ही में हुए एक हमले में एक रोहिंग्या महिला और दो बच्चों के घायल होने की खबर है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बुधवार और गुरुवार को हुए हवाई हमले बांग्लादेश की सीमा के बेहद करीब किए गए थे। सेना का दावा है कि उनका निशाना विद्रोही गुट 'अराकान आर्मी' के ठिकाने हैं, लेकिन इस गोलाबारी की चपेट में आम रोहिंग्या नागरिकों के इलाके भी आ रहे हैं, जिससे वहाँ के लोगों में भारी दहशत है।
त्रिकोणीय संघर्ष के बीच फंसे आम नागरिक
राखाइन राज्य में चल रही यह जंग अब और पेचीदा हो गई है। यहाँ पहले से ही म्यांमार की सेना और 'अराकान आर्मी' (AA) के बीच युद्ध चल रहा है। इसी बीच खबर आई कि एक और रोहिंग्या लड़ाकू गुट 'एआरएसए' (ARSA) ने अराकान आर्मी के काफिले पर हमला कर दिया, जिसमें उसके कई लड़ाके मारे गए। इस घटना के बाद अराकान आर्मी ने स्थानीय रोहिंग्या नागरिकों पर विद्रोहियों की मदद करने का आरोप लगाना शुरू कर दिया है। इसके चलते म्यांमार सेना के हमलों के साथ-साथ स्थानीय विद्रोही गुटों के दबाव के कारण आम रोहिंग्या नागरिक दोहरे संकट में फंस गए हैं।
घुसपैठ रोकने के लिए नाफ नदी और सीमा पर कड़ी चौकसी
बांग्लादेश के बॉर्डर गार्ड्स (BGB) के रामू सेक्टर के कमांडर कर्नल मोहिउद्दीन अहमद ने बताया कि म्यांमार में जब भी एयरस्ट्राइक होती है, तो सीमाई इलाकों में रहने वाले लोग सहम जाते हैं। पिछले कुछ दिनों में म्यांमार सेना द्वारा करीब 18 से 27 बम गिराए जाने की सूचना मिली है। पहले भी ऐसे युद्ध के हालातों में रोहिंग्या नागरिक नाफ नदी पार कर बांग्लादेश आते रहे हैं। बांग्लादेश पर पहले से ही लाखों शरणार्थियों का भारी बोझ है, इसलिए इस बार किसी भी तरह की अवैध घुसपैठ को पूरी तरह रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बलों को चौबीसों घंटे पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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