सीरिया: दमिश्क कैफे में भीषण ब्लास्ट, IED विस्फोट में 9 लोगों की जान गई
दमिश्क। सीरिया की राजधानी दमिश्क में हुए एक भीषण धमाके से पूरा शहर दहल गया। यहाँ के एक व्यस्त कैफे में हुए जोरदार विस्फोट में नौ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बीस अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाके के तुरंत बाद सभी घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई लोगों का इलाज चल रहा है। सीरिया के गृह मंत्रालय के मुताबिक, यह धमाका शहर के हिजाज इलाके में स्थित अल-नस्र स्ट्रीट के एक कैफे में हुआ, जो जस्टिस पैलेस (न्यायालय) से महज सत्तर मीटर की दूरी पर है।
भीषण नुकसान के लिए आईईडी में भरे गए थे धातु के टुकड़े
शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस हमले के लिए लगभग एक किलोग्राम वजन वाले इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) का इस्तेमाल किया गया था। इस बम को और ज्यादा घातक बनाने के लिए इसमें धातु के छोटे-छोटे टुकड़े भरे गए थे, ताकि धमाका होते ही वे तेजी से फैलें और ज्यादा से ज्यादा जान-माल का नुकसान हो। स्थानीय समय के अनुसार यह दर्दनाक हादसा दोपहर करीब तीन बजे हुआ। विस्फोट की आवाज सुनते ही पुलिस, सुरक्षा बल और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचे। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है।
हमले के पीछे इस्लामिक स्टेट के स्लीपर सेल का हाथ होने की आशंका
फिलहाल इस हमले की जिम्मेदारी किसी भी संगठन ने नहीं ली है, जिससे जांच काफी पेचीदा हो गई है। हालांकि, सीरिया के सुरक्षा अधिकारियों को अंदेशा है कि इस खूनी खेल के पीछे आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) का हाथ हो सकता है। अधिकारियों का मानना है कि पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद बनी देश की नई सरकार जब पूरे सीरिया में अपना नियंत्रण मजबूत करने की कोशिश कर रही है, ठीक उसी समय आईएस अपने स्लीपर सेल को दोबारा सक्रिय करने में जुटा है। यह संगठन नए लड़ाकों की भर्ती और हथियारों का नेटवर्क मजबूत कर देश में अस्थिरता फैलाना चाहता है।
हाल के महीनों में सुरक्षा बलों पर बढ़े आतंकी हमले
सीरिया में पिछले कुछ महीनों के भीतर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की घटनाओं में तेजी आई है। इससे पहले जून के महीने में अलेप्पो प्रांत के पास अज्ञात हमलावरों ने दो सीरियाई सैनिकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वहीं मई में भी हसाका प्रांत में एक सैन्य बस पर बड़ा हमला हुआ था, जिसमें दो सैनिकों की जान चली गई थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन सभी हमलों के पीछे इस्लामिक स्टेट का ही हाथ माना जा रहा है। ऐसे में सीरिया की नई सरकार के सामने देश में अमन-चैन कायम करना और इन आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।

Madhya Pradesh Bus Strike: 7 अगस्त तक सरकार को अल्टीमेटम, नहीं मानी मांगें तो थम जाएंगे बसों के पहिए
Betul Land Encroachment: सरकारी जमीन पर कब्जे का बड़ा खेल, जांच में सामने आए 27 अतिक्रमण
Outsource Employees Salary: सीएमएचओ कार्यालय पर गंभीर आरोप, सफाईकर्मियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को नहीं मिल रहा पूरा वेतन
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत