Betul Municipal Employees Action: बैतूल नपा में सख्ती, बायोमेट्रिक उपस्थिति नहीं कराने वाले 24 कर्मचारी हटाए गए
Betul Municipal Employees Action: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। नगर पालिका परिषद में मनमर्जी से काम करने वाले कर्मचारियों की अब खैर नहीं। पूर्व में कई बार कर्मचारियों को अनुशासित रूप से और कार्य संस्कृति के अनुरूप कार्य करने की चेतावनी देने के बावजूद बाज नहीं आने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सीएमओ नवनीत पांडेय ने बड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने ऐसे 2 दर्जन कर्मचारियों को कार्य मुक्त कर बाहर का रास्ता दिखा दिया है। सीएमओ की इस सख्त कार्रवाई से नगर पालिका में हड़कंप मचा हुआ है।
गौरतलब है कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पाण्डेय के निर्देश पर नगर पालिका में अनुशासन एवं कार्य संस्कृति को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को विभागीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया गया कि लंबे समय से बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं कराने अथवा बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएं।
अनुशासनहीनता कतई स्वीकार नहीं
समीक्षा के दौरान ऐसे कर्मचारियों को कार्य से पृथक (कार्यमुक्त) करने के निर्देश दिए गए, जो लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा रहे थे। मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री पांडेय ने स्पष्ट कहा कि नगर पालिका में अनुशासनहीनता, अनियमित उपस्थिति एवं कार्य के प्रति लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ भविष्य में भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
आज इन कर्मचारियों पर गिरी गाज
समीक्षा बैठक में जिन कर्मचारियों को कार्यमुक्त करने का निर्णय लिया गया, उनमें विनियमित कर्मचारी भोलाराम यादव, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी घनश्याम बारस्कर, लखन पवार, राजू, मानदेय कर्मचारी प्रेम धुर्वे, संतोष धुर्वे और आउटसोर्स कर्मचारी अंकित यादव, आशीष विश्वकर्मा, दुर्गेश बार्डे, हरीश देवहरे, हिमांशु सेमरे, जतिन रगड़े, मनोज झोबड़े, मोहन वडीवा, नेहल विन्नितकर, निखिल विन्नितकर, पंकज सिंह ठाकुर, पवन दवांदे, राहुल आमझरे, राजेश विश्वकर्मा, रामदयाल उइके, रामरतन सरयाम, रिंकल नागले, शिवशंकर ठाकुर प्रमुख रूप से शामिल हैं।
बायोमेट्रिक उपस्थिति करें सुनिश्चित
मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री पांडेय ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में नियमित रूप से बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध इसी प्रकार कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी औचक निरीक्षण में गैरहाजिर मिले कर्मचारियों के वेतन काटने के निर्देश दिए गए थे। इस बार इससे भी सख्त कार्रवाई की गई है।

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