Padma Shri Mohan Nagar: पर्यावरण संरक्षण के प्रहरी मोहन नागर का सम्मान, बोले- जल बचाना ही भविष्य बचाना है
Padma Shri Mohan Nagar: बैतूल। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों देश के सर्वाेच्च पुरस्कारों में से एक पद्मश्री 2026 से अलंकृत हुए जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर का भारत भारती शिक्षा समिति द्वारा एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में बुधपाल सिंह जनजाति शिक्षा के राष्ट्रीय सह संयोजक, श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उइके विधायक घोड़ाडोंगरी, योगेश पंडाग्रे विधायक आमला, सुधाकर पवार भाजपा जिला अध्यक्ष बैतूल, अनिल अग्रवाल सह संगठन मंत्री विद्या भारती मध्य भारत, मोतीलाल कुशवाह विनायक शिशु मंदिर संस्थापक एवं समाज सेवी, दीपेश मेहता सह सचिव भारत भारती शिक्षा समिति मौजूद थे।
प्रेरणा देते रहेगा पद्मश्री पुरस्कार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री नागर ने कहा कि यह पुरस्कार केवल मेरा नहीं समस्त उन कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का कार्य करेगा जो जल संरक्षण पर्यावरण संरक्षण के छोटे-छोटे प्रयास कर रहे हैं। आपसी सहभागिता और जन भागीदारी से ही यह संभव हो पाया है कि आज बैतूल जिले को पर्यावरण संरक्षण के रूप में एक प्रेरणा के नाम से जाना जाने लगा है। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जल को बनाया नहीं जा सकता उसे संरक्षित करके हम आने वाली पीढिय़ों का भविष्य संवार सकते हैं।
जल का करना होगा सद्उपयोग
श्री नागर ने कहा कि हमें अपने घरों के जल को संग्रहित करके इसका सदुपयोग प्रारंभ करना होगा खेत का पानी खेत में रोकते हुए मेड़ बंधान बोरी बंधान आदि कार्यों से भूजल स्तर को बढ़ाया जा सकता है। इसे एक अभियान के रूप में मानकर हमें आगे बढऩा होगा। यह जनभागीदारी से ही संभव है। कार्यक्रम में जल संरक्षण के गंगा अवतरण अभियान के सभी कार्यकर्ता, पर्यावरण संरक्षण के कार्य कर रही सभी स्वायित्व संस्थाओं के पदाधिकारी तथा बैतूल के अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
प्रेरणादाई व्यक्तित्व है नागर: अग्रवाल
इस अवसर पर विद्या भारती के सह संगठन मंत्री अनिल अग्रवाल ने श्री मोहन नागर को प्रेरणादाई व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि 1991 में जब मोहन नागर भारत भारती शिक्षा समिति के पदाधिकारी बने, तब से ही उन्होंने पर्यावरण संचेतना के कार्य प्रारंभ कर दिए थे, जनजातीय समाज के बीच जाकर, मृदा, जल जंगल, और समूचे पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण के प्रति शिव ध्वज यात्रा के माध्यम से अनेकों जनजातीय क्षेत्र के ग्रामों की यात्रा करते हुए समाज को जागरूक किया और समाज जागरण का यह कार्य आज तक अनवरत जारी है। श्री अग्रवाल ने कहा कि लोगों के बीच जाकर उन्हें यह एक गंभीर चिंतन सहज ही समझा देना, कोई सरल कार्य नहीं था। श्री नागर के इस प्रयास को भारत सरकार द्वारा सराहना करते हुए यह पुरस्कार प्रदान करना बैतूल जिले के लिए गौरव का विषय है।
यह थे मौजूद
कार्यक्रम में उत्तम राव गायकवाड़ गायत्री परिवार, संजीव शर्मा सत्य साईं सेवा समिति, श्रीमती रश्मि साहू महर्षि अरविंद शिक्षा समिति, तरुण वैद्य ग्रीन टाइगर, कौशलेश तिवारी संभाग समन्वयक जन अभियान परिषद, प्रिया चौधरी जिला समन्वयक जन अभियान परिषद, मयंक भार्गव ( लोकंचल एवं जनादेश, अनिल उइके समाज सेवी बाचा विलेज, आनंद प्रजापति पार्षद नगर पालिका बैतूल, श्रीमती सुरेखा ठाकुर शिशु वाटिका सह संयोजिका,* श्रीमती सीमा चौरिया, डॉ. विनय चौहान चिकित्सक एवं सदस्य वन्य प्राणी संरक्षण बोर्ड, कैलाश वर्मा, नरेश फाटे, बाला राम साहू, नागोराम सिरसाम जिला प्रमुख जनजाति शिक्षा, श्रीमती शीला वराठे, श्रीमती वंदना कुम्हारे, पूरन लाल परते, अमोल पानकर, सचिन आर्य, धीरज मांडलेकर, रंजीत राठौर, कृष्णा पारधे एवं राजेश भदौरिया सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

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