Betul Road Construction: टेंडर हुए, बजट भी मिला... फिर भी बैतूल की सड़कें नहीं बन सकीं, जानिए वजह
Betul Road Construction: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। अमेरिका-इजराइल-ईरान तनाव का असर बैतूल जिले में भी साफ नजर आ रहा है। इस तनाव के चलते डामर की कीमतों में 3 से 4 गुना की बढ़ोतरी हो गई है। नतीजतन, शहर की जिन सड़कों के डामरीकरण कार्य के टेंडर हो चुके थे, वे काम भी नहीं हो सके। इसी तरह बीते साल जो टेंडर हो चुके थे, उनमें से भी लाखों रुपये की लागत के कई कार्य अटक चुके हैं।
शहर की विभिन्न सड़कों का नगर पालिका द्वारा समय-समय पर आवश्यकतानुसार डामरीकरण कार्य कराया जाता है। जिससे कि लोगों को बेहतर सड़क मिल सके। लेकिन, लोगों को मिलने वाली इस सुविधा की राह में मिडिल इस्ट में चल रहा तनाव सबसे बड़ी बाधा बन गया है। इस तनाव के कारण डामर की कीमतों में 3 से 4 गुना का उछाल आ चुका है। इसके चलते जिन ठेकेदारों ने डामरीकरण के काम लिए थे, उन्होंने यह कार्य करने से साफ हाथ खड़े कर दिए हैं।
इस साल शहर के किदवई वार्ड, पटेल वार्ड, जाकिर हुसैन वार्ड और मोती वार्ड की 4 प्रमुख सड़कों के डामरीकरण होने थे। यह कार्य लगभग 40 लाख रुपये की लागत के थे। डामर महंगा होने से यह कार्य नहीं हो सके हैं। इसी तरह पिछले साल भी 3 करोड़ रुपये के डामरीकरण के कार्य स्वीकृत हुए थे। इनमें से 70 से 80 लाख रुपये के कार्य भी डामर महंगा होने से अटक गए थे।
खस्ताहाल सड़कों से गुजरना मजबूरी
सड़कों का डामरीकरण नहीं होने के कारण लोगों को अच्छी सड़क की सुविधा नहीं मिल पा रही है। लोग खस्ताहाल सड़कों से आवाजाही करने को मजबूर हैं। अब यदि स्थिति सामान्य हो भी जाए और रेट कम भी हो जाए तो बारिश में डामरीकरण का कार्य नहीं कराया जाता है। ऐसे में संभावना यही जताई जा रही है कि स्थिति सामान्य होने और डामर सस्ता होने पर भी नवंबर-दिसंबर माह में ही यह कार्य हो सकेंगे।

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