Betul Moong Procurement 2026: मूंग किसानों को बड़ा झटका! जिले में 11 खरीदी केंद्र, लेकिन केवल 25% उपज की होगी खरीदी
Betul Moong Procurement 2026: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जिले में मूंग और उड़द खरीदी को लेकर स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो चुकी है। जिले में मूंग और उड़द खरीदी के लिए 11 केंद्र बनाए गए हैं। इस साल बीते साल के मुकाबले बेहद कम किसानों ने पंजीयन कराया है। वहीं दूसरी ओर कुल बोए गए रकबे से भी काफी कम क्षेत्र के लिए ही इस साल रजिस्ट्रेशन हो सका है।
मूंग और उड़द की खरीदी 1 जुलाई से 10 अगस्त तक होना है। सोमवार शाम तक जिले में मूंग-उड़द खरीदी के लिए केंद्रों का निर्धारण नहीं हो पाया था। इससे किसानों को इस बात को लेकर असमंजस था कि पता नहीं शासन द्वारा घोषित की गई तिथि पर खरीदी शुरू हो पाती है या नहीं। लेकिन, कृषि विभाग के अधिकारियों ने सोमवार रात में ही 11 खरीदी केंद्रों का जिला उपार्जन समिति से अनुमोदन करवा कर केंद्रों का निर्धारण कर दिया है। इनमें सबसे ज्यादा 4 केंद्र बैतूल तहसील में हैं। इनके अलावा घोड़ाडोंगरी तहसील में 2, शाहपुर तहसील में 2 और आठनेर, भीमपुर व भैंसदेही तहसील में 1-1 खरीदी केंद्र बनाया गया है। इसके बाद सभी केंद्र प्रभारियों को शासन की ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द उपार्जन नीति विपणन वर्ष 2026-27 के अनुसार सभी कार्यवाहियां कर समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा है।
इन केंद्रों पर होगी मूंग-उड़द खरीदी
पापुलर विपणन सहकारी समिति बैतूल द्वारा शिव सरोजनी वेयर हाउस बैतूल में, प्राथमिक कृषि सहकारी समिति सोहागपुर द्वारा श्रीराम वेयर हाउस सोहागपुर में, प्राथमिक कृषि सहकारी समिति जीन द्वारा जय मां चंडी वेयर हाउस जीन में, प्राथमिक कृषि सहकारी समिति खंडारा द्वारा विनायकम वेयर हाउस आठवां मिल में, सतपुड़ा विपणन सहकारी समिति घोड़ाडोंगरी द्वारा बालाजी वेयर हाउस सूखाढाना में, प्राथमिक कृषि सहकारी समिति रानीपुर द्वारा तिरूपति वेयर हाउस जुवाड़ी में, प्राथमिक कृषि सहकारी समिति चोपना द्वारा गुप्ता लॉजिस्टिक एवं वेयर हाउसिंग सिलपटी शाहपुर में, प्राथमिक सहकारी समिति शाहपुर द्वारा पूर्वी वेयर हाउस शाहपुर में, प्राथमिक कृषि सहकारी समिति आठनेर द्वारा जगदंबे वेयर हाउस आठनेर में, प्राथमिक सहकारी समिति भीमपुर द्वारा रामा वेयर हाउस हिड़ली में और पूर्णा विपणन सहकारी समिति भैंसदेही द्वारा किलेदार वेयर हाउस भैंसदेही में खरीदी की जाएगी।
मूंग-उड़द के लिए इतने हुए पंजीयन
इस साल जिले में मूंग और उड़द खरीदी के लिए बीते साल से बेहद कम पंजीयन हुए हैं। इसकी वजह गिरदावरी न होने को बताया जा रहा है। इस साल मूंग के लिए 2569 और उड़द के लिए मात्र 17 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसके मुकाबले बीते साल मूंग के लिए 5153 और उड़द के लिए 45 किसानों ने पंजीयन कराया था। बीते साल जिले में 4394 किसानों ने मूंग की बिक्री की थी। इन किसानों से 12887 मेट्रिक टन मूंग की खरीदी की गई थी। केंद्र तय किए जाने के बाद मंगलवार को इन्हें पोर्टल पर ऑनलाइन भी कर दिया गया है। जिससे आज से ही किसान स्लॉट बुक भी करवा सकेंगे।
बोए गए रकबा का आधा भी कवर नहीं
इस साल जिले में 15435 हेक्टेयर क्षेत्र में मूंग की बुआई हुई थी। वहीं उड़द की बुआई 215 हेक्टेयर में हुई है। इसमें से मात्र 4363.47 हेक्टेयर क्षेत्र का मूंग के लिए और 26.51 हेक्टेयर क्षेत्र का उड़द के लिए पंजीयन हो पाया है। जिले में उड़द की उत्पादकता प्रति हेक्टेयर 980 किलोग्राम और मूंग की 1210 हेक्टेयर मानी गई है। हालांकि शासन द्वारा कुल उत्पादित होने वाली मूंग की पूरी मात्रा नहीं खरीदी जाएगी। इसमें से केवल 25 प्रतिशत उपज की खरीदी ही की जाएगी। मूंग के लिए 8768 और 7800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से समर्थन मूल्य किसानों को प्रदान किए जाएंगे।

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