रामलला के दर्शन को लेकर अयोध्या में सियासी घमासान, सांसद किशोरी लाल का बड़ा बयान
अमेठी: राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस के प्रस्तावित अयोध्या मार्च से पहले अमेठी में देर रात राजनीतिक सरगर्मी अचानक बढ़ गई। कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रशासन ने कई कांग्रेस नेताओं के घरों पर पुलिस का कड़ा पहरा बैठा दिया। हालांकि, अमेठी के सांसद किशोरी लाल शर्मा रात में ही पुलिस को चकमा देकर अयोध्या के लिए निकल गए। उनके साथ जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल और पूर्व एमएलसी दीपक सिंह भी अयोध्या पहुँच चुके हैं। बुधवार सुबह गौरीगंज स्थित कांग्रेस दफ्तर पर ताला लटका हुआ देखा गया।
प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशानुसार, सुबह 9:00 बजे गौरीगंज कार्यालय से कार्यकर्ताओं को अयोध्या के लिए निकलना था। लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सुमित, कांग्रेस नेता धर्मेंद्र शुक्ल, देवमणि तिवारी, सर्वेश सिंह और अवनीश सेनानी सहित कई प्रमुख चेहरों को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया।
सांसद किशोरी लाल शर्मा का बयान: "हम प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए आए थे, लेकिन हमें रोका जा रहा है। चंदा चोरी करने वालों पर तो लगाम नहीं कसी जा सकी, पर एक हिंदू को भगवान के दर्शन करने से जरूर रोका जा रहा है। आखिर यह कौन सी परंपरा है जहाँ श्रद्धालुओं को भगवान के दर पर जाने की इजाजत नहीं मिलती?"
कांग्रेस नेताओं ने सत्तापक्ष पर आरोप लगाया है कि सरकार राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले से जनता का ध्यान भटकाने के लिए विपक्ष की लोकतांत्रिक आवाज को दबा रही है। दूसरी तरफ, स्थानीय प्रशासन का दावा है कि क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह केवल एक एहतियाती कदम था।

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