Betul Water Supply Crisis: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। बारिश की औपचारिक शुरूआत हो जाने के बावजूद शहर में जलापूर्ति की व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नहीं हो सका है। अभी भी जलापूर्ति की व्यवस्था पूरी तरह से पटरी पर नहीं आ सकी है और लोगों को भीषण गर्मी की तरह अभी भी परेशानी झेलना पड़ रहा है। शनिवार नगर पालिका पर एक साथ 2-2 परेशानियों ने हमला बोल दिया। एक ओर जहां ताप्ती बैराज स्थित इंटेकवेल की दूसरी मोटर भी खराब हो गई। वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय के कॉलेज चौक पर फिल्टर प्लांट से टंकियों तक पानी पहुंचाने वाली पाइप लाइन में लीकेज आ गया है। इन दोनों समस्याओं के चलते शनिवार को शहर की जलापूर्ति ठप जैसी रही। 

गर्मी में सुचारू जल आपूर्ति के लिए समय रहते पर्याप्त इंतजाम नहीं करने की नगर पालिका की गलती का खामियाजा इस बार पूरे शहर को भुगतना पड़ा। नगर पालिका ने न तो पहले मुकम्मल इंतजाम किए और न ही उसके बाद ही स्थिति में कोई खास सुधार कर पाई। इसके बाद अब जब गर्मी लगभग समाप्त हो गई और ऐसा लग रहा था कि बारिश शुरू होने के बाद जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। बारिश शुरू होने के बाद भी नपा की व्यवस्था जस की तस है। इस बार नगर पालिका पर एक साथ 2 मुसीबतों ने एक साथ धावा बोला है। 

अब महज एक मोटर का ही सहारा 

ताप्ती बैराज खेड़ी के इंटेकवेल से बैतूल तक पानी पहुंचाने के लिए 3-3 मोटरें हैं। इन तीनों मोटरों को कुछ-कुछ समय के लिए बंद करके लगातार चलाया जाता है ताकि पानी निरंतर पहुंचता रहे। इनमें से एक भी मोटर खराब हो जाए तो नगर पालिका की दिक्कत बढ़ जाती है। करीब 4 दिन पहले इनमें से 1 मोटर खराब हो गई थी। इस मोटर को सुधार के लिए भोपाल भेजा गया था। यह मोटर सुधर कर वापस आ पाती, उससे पहले शुक्रवार-शनिवार की रात एक मोटर और खराब हो गई है। 

पहली मोटर रविवार आने की संभावना

चार दिन पहले खराब हुई मोटर का सुधार होकर उसके रविवार दोपहर तक बैतूल आने की संभावना जताई जा रही है। वह मोटर बैतूल लाने वाली टीम उस मोटर को फीट करने के साथ ही इस मोटर की पड़ताल भी करेगी कि इसे यहीं सुधारा जा सकता है या फिर इसे भोपाल ले जाना पड़ेगा। यदि भोपाल ले जाना पड़ा तो फिर उसे वापस आने में खासा समय लग सकता है। इस बीच भी जलापूर्ति पूरी तरह व्यवस्थित नहीं हो सकेगी। 

इकलौती मोटर से पर्याप्त पानी नहीं 

अब इंटेकवेल पर एकमात्र मोटर ही बची है। ऐसे में इस मोटर को लगातार नहीं चलाया जा सकता। ऐहतियात के तौर पर इसे कुछ समय तक चलाया जाता है और फिर कुछ समय तक ठंडी होने के लिए बंद रखा जाता है। ऐसे में शहर में जलापूर्ति के लिए जितना पानी चाहिए, उसका आधा पानी भी नहीं मिल पा रहा है। यही कारण है कि शहर में जलापूर्ति भी बुरी तरह से लड़खड़ा गई है। यह कब तक सुधर पाएगी, यह कहने की स्थिति में कोई नहीं है। 

अब टंकियां भरना भी हुआ मुश्किल 

एक ओर जहां मोटर खराब होने की समस्या से नपा जूझ रही है, वहीं शनिवार को एक और आफत नपा के सामने आ गई। फिल्टर प्लांट से शहर की सभी टंकियों तक पानी पहुंचाने वाली मेन पाइप लाइन में कॉलेज पर लीकेज आ गया। ताप्ती से पर्याप्त पानी नहीं मिलने पर नगर पालिका माचना एनीकेट में आया थोड़ा-बहुत पानी लेकर जलापूर्ति करने का प्रयास कर रही थी, लेकिन अब ऐसा करना भी संभव नहीं रहा।

नपा अमले ने शुरू किया सुधार कार्य 

कॉलेज चौक पर पाइप लाइन में लीकेज की जानकारी मिलते ही नगर पालिका का अमला मौके पर पहुंचा और वहां सड़क की खुदाई कर पाइप लाइन को दुरूस्त करने का प्रयास शुरू किया है। नगर पालिका परिषद बैतूल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि पाइप लाइन में लीकेज का युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य शुरू किया गया है। पाइप लाइन की मरम्मत पूरी होने के बाद संबंधित स्थान पर सड़क की मरम्मत का कार्य भी नगर पालिका द्वारा कराया जाएगा, जिससे आवागमन पूरी तरह सुचारु हो सके।

सहयोग बनाए रखने की की अपील 

नगर पालिका परिषद ने शहरवासियों को भरोसा दिलाया है कि मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा कर पेयजल आपूर्ति को पूरी तरह सामान्य किया जाएगा। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि आवश्यक कार्य पूर्ण होने तक सहयोग बनाए रखें, ताकि मरम्मत कार्य बिना किसी बाधा के समय पर पूरा किया जा सके।

कॉलेज चौक पर गड्ढे में घुसी स्कूल बस 

नगर पालिका अमला कॉलेज चौक पर पाइप लाइन की मरम्मत कर रहा था, उस समय सुरक्षा की दृष्टि से आसपास बेरिकैडिंग कर दी गई थी। हालांकि इस बीच एक तेज रफ्तार स्कूल बस वहां से निकली। स्कूल बस का ड्राइवर वहां चल रहे काम और बेरिकैड नहीं देख पाया। जिससे वहां खुदे गड्ढे में स्कूल बस घुस गई। हालांकि कुछ देर की मशक्कत के बाद स्कूल बस को निकाल लिया गया और फिर बस रवाना हो गई।