भोपाल में होटल की मनमानी पर कार्रवाई, अतिरिक्त कीमत वसूलने पर लगा जुर्माना
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एक नामी होटल को पानी की बोतल पर तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलना बेहद महंगा पड़ गया है। जिला उपभोक्ता आयोग ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए होटल प्रबंधन को पीड़ित ग्राहक को मुआवजा देने का बड़ा आदेश सुनाया है। अदालत ने होटल को कुल 8 हजार रुपये लौटाने और हर्जाना भरने को कहा है। यह पूरा मामला करीब चार साल पुराना है, जिस पर अब जाकर उपभोक्ता (कंज्यूमर) के पक्ष में यह अहम फैसला आया है।
60 रुपये की पानी की बोतल का थमाया 175 का बिल
यह पूरा विवाद साल 2022 का है। रायसेन रोड के रहने वाले हुकुम सिंह ठाकुर अपने कुछ दोस्तों के साथ भोपाल के मशहूर होटल रेडिसन में बुफे डिनर करने गए थे। डिनर के बाद जब उनके सामने बिल आया, तो उसे देखकर वे हैरान रह गए। बिल में 60 रुपये की पानी की बोतल के लिए उनसे सीधे 175 रुपये जोड़े गए थे। जब ग्राहक ने इस अत्यधिक कीमत का विरोध किया और आपत्ति जताई, तो होटल प्रबंधन ने उनकी बात सुनने से साफ इनकार कर दिया और मनमाना बिल वसूल लिया।
मामला सुलझाने की कोशिश नाकाम, पहुंचे उपभोक्ता अदालत
होटल के इस अड़ियल रवैये के बाद पीड़ित ग्राहक ने पहले तो आपसी बातचीत से मामला सुलझाने का प्रयास किया। जब होटल प्रबंधन अपनी गलती मानने को तैयार नहीं हुआ, तो उन्होंने हार मानने के बजाय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। उपभोक्ता ने पुख्ता दस्तावेजों और बिल को सबूत के तौर पर पेश करते हुए साबित किया कि उनसे न सिर्फ पानी की ज्यादा कीमत ली गई, बल्कि उस पर अतिरिक्त जीएसटी (GST) भी वसूला गया।
अदालत का फैसला और होटल को तगड़ा झटका
दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करने के बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने ग्राहक की शिकायत को बिल्कुल सही पाया। अदालत ने माना कि होटल ने नियमों के खिलाफ जाकर ग्राहक से गलत वसूली की है और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया है। आयोग ने होटल रेडिसन को आदेश दिया कि वह उपभोक्ता से ली गई अतिरिक्त जीएसटी की राशि तुरंत वापस करे। इसके साथ ही, ग्राहक को हुए मानसिक कष्ट और अदालती कार्यवाही में हुए खर्च की भरपाई के लिए कुल 8 हजार रुपये का हर्जाना देने का निर्देश दिया।
संस्थानों को कोर्ट की दो टूक नसीहत
इस ऐतिहासिक फैसले को सुनाते हुए उपभोक्ता आयोग ने बिजनेस संस्थानों को एक सख्त संदेश भी दिया है। आयोग ने अपने आदेश में साफ कहा कि नियमों का उल्लंघन करके ग्राहकों से अतिरिक्त पैसे वसूलना पूरी तरह गलत है। अगर कोई ग्राहक किसी गड़बड़ी की शिकायत करता है, तो कंपनियों और होटलों को समय रहते उसका समाधान करना चाहिए। अगर संस्थान अपनी मनमानी बंद नहीं करेंगे, तो ग्राहकों को कानूनी मंच पर जाकर न्याय पाने का पूरा अधिकार है।

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