Betul TL Meeting: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। हर सोमवार होने वाली समय सीमा (टीएल) की बैठक में आधी-अधूरी जानकारी लेकर पहुंचना अधिकारियों को महंगा पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवणे संबंधित अधिकारियों को बैठक से बाहर जाकर पूरी जानकारी एकत्रित करने और फिर बैठक शामिल होने की हिदायत दे रहे हैं। आज इसी स्थिति से सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े और सिविल सर्जन डॉ. जगदीश घोरे के साथ बन गई। 

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने स्वास्थ्य विभाग की चर्चा के दौरान सीएमएचओ और सिविल सर्जन से समग्र से संबंधित जानकारी मांगी। इस संबंध में इन अधिकारियों के पास पूरी-पूरी जानकारी नहीं थी। इस पर उन्होंने तत्काल ही दोनों अफसरों को निर्देश दिए कि वे बैठक से बाहर जाएं और सभी बीएमओ से इस संबंध में पूरी-पूरी जानकारी प्राप्त करें।

कलेक्टर के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ. हुरमाड़े और सिविल सर्जन डॉ. घोरे तुरंत ही बाहर आए और संबंधित बीएमओ को कॉल कर समग्र की जानकारी जुटाते रहे। यह पूरी जानकारी एकत्रित हो जाने के बाद सीएमएचओ डॉ. हुरमाड़े और सिविल सर्जन डॉ. घोरे दोबारा वापस बैठक में पहुंचे और आंकड़ों से कलेक्टर को अवगत कराया। बताया जाता है कि एक-दो और भी अधिकारियों को आज इस स्थिति से रूबरू होना पड़ा, हालांकि उनके बारे में जानकारी नहीं मिल सकी कि वे कौन अधिकारी थे। 

तेवर नरम लेकिन काम में सख्ती 

वैसे अब अधिकारियों को इस बात से काफी राहत है कि पहले की तरह उन्हें बैठकों में सार्वजनिक रुप से जलील नहीं होना पड़ता है। वर्तमान कलेक्टर डॉ. सोनवणे अपने मातहत अधिकारियों से उनके पद की गरिमा और पूरे सम्मान के साथ नम्रता के साथ अपनी बात रखते हैं। हालांकि काम में लापरवाही वे जरा भी बर्दाश्त नहीं करते हैं। यही कारण है कि अब अधिकारी बैठकों में पहुंचने से पहले पूरी-पूरी जानकारी एकत्रित करके और पूरी तरह अपडेट होकर बैठक में पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।