Betul Fertilizer Stock Scam: खाद का खेल! गोदाम में यूरिया भरी, ऑनलाइन स्टॉक दिख रहा जीरो
Betul Fertilizer Stock Scam: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। यूरिया, डीएपी सहित अन्य उर्वरक की कालाबाजारी रोकने, किसानों को आसानी से जरूरत के हिसाब से समय पर खाद मिलने शासन द्वारा शुरू की गई टोकन व्यवस्था का भी प्रायवेट खाद विक्रेताओं ने तोड़ निकाल लिया है। प्रायवेट खाद विक्रेताओं द्वारा उनके गोदाम मेें खाद आने के बावजूद एकनॉलेज पेडिंग रखा जा रहा है। जिससे खाद विक्रेताओं के गोदामों में तो खाद उपलब्ध रहती है, लेकिन ऑनलाइन शो नहीं होती है। खाद विक्रेताओं द्वारा अपने चहेतों किसानों से अतिरिक्त सेवा शुल्क लेकर रात्रि के समय स्टॉक ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे रात्रि में ही अपने चहेतों किसानों के टोकन जनरेट कर सुबह तक स्टॉक निल कर दिया जाता है। आम किसान सुबह से टोकन बुक करने का प्रयास करता है, लेकिन अधिकतर दुकानों में स्टॉक निल ही दिख रहा है। प्रायवेट खाद विक्रेताओं की इस चालाकी से किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है।
खरीफ सीजन २०२६-२७ के पूर्व प्रदेश में उर्वरक लेने ई-टोकन व्यवस्था लागू की गई है। बिना ई-टोकन के न तो सहकारी समिति में और ना ही निजी खाद विक्रेताओं की दुकान में खाद मिल रहा है। जानकारों के अनुसार कुछ निजी विक्रेताओं ने ऑनलाइन टोकन सिस्टम में भी अधिक दाम में खाद बेचने का रास्ता निकाल लिया है। इन दुकानदारों द्वारा बड़ी मात्रा में यूरिया बुलवाकर अपने गोदाम में रखवा ली गई है। यूरिया आ जाने के बावजूद एकनॉलेज पेंडिग रखा जा रहा है। जिससे गोदाम में यूरिया होने के बावजूद ऑनलाइन स्टॉक में यूरिया शो नहीं हो रही है।
रात्रि के समय चढ़ाते हैं स्टॉक
प्रायवेट खाद विक्रेताओं द्वारा खाद का एक साथ पूरा स्टॉक नहीं चढ़ाया जा रहा है, बल्कि रात के समय थोड़ा-थोड़ा स्टॉक ऑनलाइन चढ़ाया जाता है। कुछ देर में ही इसके टोकन भी जारी हो जाते हैं और स्टॉक फिर से निल हो जाता है। किसानों ने आरोप लगाया कि निजी खाद विक्रेता अपने चहेते किसानों से अतिरिक्त सेवा शुल्क लेकर रात्रि के समय स्टॉक ऑनलाइन करते हैं और कुछ देर में ही उनके टोकन कटवा देते हैं। अधिकतर प्रायवेट खाद दुकानों में दिन के समय खाद का स्टॉक निल ही दिखाई देता है। इससे छोटे और गरीब किसानों को खाद ही नहीं मिल पा रही है।
अच्छी योजना को प्रायवेट खाद विक्रेता लगा रहे पलीता
घोड़ाडोंगरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत नीमपानी के उन्नत किसान संदीप मिश्रा ने बताया वे पिछले एक सप्ताह से प्रायवेट खाद दुकान से यूरिया और डीएपी का टोकन लेने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन दिन के समय खाद दुकानों में स्टॉक ही नहीं दिखता है। रात्रि के समय दुकानदार स्टॉक रिलीज करते हैं जो कुछ ही समय में खत्म हो जाता है। श्री मिश्रा ने कहा खाद वितरण के लिए टोकन सिस्टम बेहतर व्यवस्था है इससे खाद की कालाबाजारी रूकेगी, लेकिन निजी खाद विक्रेता अपने स्वार्थ के लिए इसे भी पलीता लग रहे हैं। श्री मिश्रा के अनुसार इस सिस्टम में सबसे बड़ी खामी खाद-विक्रेताओं को उनके स्टॉक को ऑनलाइन करने की छूट की है। इसमें यह सुधार हो सकता है कि रैक पाइंट से प्रायवेट दुकानों के लिए खाद रवाना करने के दौरान या फिर डीलर द्वारा खाद दुकानदार का बिल जनरेट करते ही संबंधित दुकान में खाद का स्टॉक दिखाई देने लगना चाहिये। तब ही कालाबाजारी पर लगाम लग सकती है।

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