Betul Payment Controversy: जांच अधूरी, भुगतान जारी! श्री जी ट्रेडर्स को फिर लाखों की राशि देने की तैयारी पर सवाल
Betul Payment Controversy: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। जिले में कई ग्राम पंचायतें भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हैं। अफसोस इस बात का है कि इस भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की कोई कोशिश न तो जनप्रतिनिधि करते नजर आ रहे हैं और न ही अफसर ही कोई नकेल कसते दिख रहे हैं। यही कारण है कि जनपदों में बैठे बाबुओं से लेकर पंचायतों में सचिवों और सहायक सचिवों तक के हौसले बुलंद हैं। आलम यह है कि एक मामले की शिकायत होती है, रस्म अदायगी के लिए जांच बिठाई जाती है, लेकिन यह जांच पूरी हो पाती, उससे पहले उसी तरह का अपराध करने की तैयारी बैखौफ कर ली जाती है। इससे जाहिर है कि निचले अमले को न किसी शिकायत का डर है और न ही खुद पर कोई कार्रवाई होने का।
इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण भीमपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत डोक्या और चांदू हैं। इन दोनों पंचायतों से श्री जी ट्रेडर्स जामुठाना डोक्या को एक बार फिर 21 लाख, 04 हजार, 748 रुपये का भुगतान मनरेगा योजना के तहत किए जाने की तैयारी है। इनमें से डोक्या ग्राम पंचायत से 8 लाख, 85 हजार, 544 रुपये और चांदू पंचायत से 12 लाख, 19 हजार, 204 रुपये शामिल हैं। नए भुगतानों की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी मिलने पर शिकायतकर्ताओं ने मामले को लोकायुक्त संगठन सहित अन्य सक्षम जांच एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत करने की तैयारी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि जब तक पूर्व शिकायतों की जांच पूर्ण नहीं हो जाती, तब तक संबंधित भुगतानों की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
इसलिए संदिग्ध माने जा रहे यह भुगतान
दरअसल, इन बिलों को संदिग्ध इसलिए भी माना जा रहा है, क्योंकि इन पंचायतों को लेकर पूर्व में जो गंभीर शिकायत हुई थी, उसकी जांच अभी चल ही रही है। यह जांच अभी तक न तो पूरी हुई है और न ही किसी को जांच के बाद क्लीन चिट ही दी गई है। ऐसे में बेहतर यही होता कि इस भुगतान से पहले सचिव का प्रभार संभाल रहे कर्मचारी द्वारा एहतियात बरती जाती और जांच के नतीजे सामने आने का इंतजार किया जाता।
पांच करोड़ भुगतान का है पुराना मामला
इससे पूर्व जो शिकायत हुई थी, उसमें जानकारी दी गई थी कि ग्राम पंचायत डोक्या, पलस्या, चांदू और रंभा से श्री जी ट्रेडर्स नामक वेंडर को मनरेगा के तहत 1.84 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। सभी तरह के भुगतानों को मिलाकर यह कुल आंकड़ा 5 करोड़ तक पहुंचने की संभावना जताई गई थी। शिकायतकर्ताओं के अनुसार एक ही वेंडर को बार-बार भुगतान संदेह के घेरे में है। संबंधित वेंडर के नाम पर न तो कोई स्पष्ट दुकान दिखाई देती है और न ही कोई बड़ा गोदाम या संसाधन ही मौजूद है। शिकायत में अन्य कई गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
सहायक सचिव पर यह आरोप भी लगे
भ्रष्टाचार की संगीन शिकायतों के बाद सचिव कमलेश यादव को 15 मई 2026 को जो कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, उसमें इन भुगतानों के अलावा अन्य कई गंभीर आरोप भी लगे हैं। नोटिस में साफ कहा गया है कि यह संज्ञान में आया है कि कमलेश यादव के द्वारा कथित रूप से चार संदिग्ध फर्मों कृष्णा ट्रेडर्स, बालाजी ट्रेडर्स, यादव ट्रेडर्स एवं श्री जी ट्रेडर्स का संचालन या नियंत्रण आपके द्वारा किया जा रहा है। इन फर्मों के माध्यम से पंचायतों के निर्माण कार्यों में समस्त सामग्री की आपूर्ति आपके द्वारा की जा रही है। श्री यादव द्वारा विभिन्न योजनाओं में बिना जमीनी कार्य किए, केवल कागजों पर फर्जी बिल प्रस्तुत कर शासकीय योजनाओं की करोड़ों रुपये की राशि आहरित की गई है।
शिकायतकर्ताओं ने लगाए यह आरोप
पूर्व मामले की जांच अभी तक पूरी नहीं होने और लाखों के नए भुगतान की तैयारी से शिकायतकर्ता बेहद नाराज है। उनका कहना है कि पूर्व में संबंधित वेंडर को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत किए गए भुगतानों की निष्पक्ष जांच, भौतिक सत्यापन एवं वित्तीय ऑडिट की मांग की गई थी, किंतु अब तक जांच के परिणाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। हमारी मांग है कि भुगतान से पूर्व कार्यों का स्थलीय निरीक्षण, सामग्री सत्यापन तथा अभिलेखों की जांच कराई जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की संभावित वित्तीय अनियमितता की स्थिति स्पष्ट हो सके।
रोजगार सहायक को कौन दे रहा इतनी शह
खास बात यह है कि जिस कमलेश यादव के पास एक नहीं बल्कि दो-दो पंचायतों के सचिव का प्रभार है, वह सचिव न होकर केवल सहायक सचिव या ग्राम रोजगार सहायक है। इसके बावजूद उसके पास एक नहीं बल्कि दो-दो पंचायतों- डोक्या और चांदू का प्रभार है। इस पूरे मामले का मास्टर माइंड मनरेगा का भीमपुर जनपद में पदस्थ एक बाबू (सहायक लेखा अधिकारी) गोविंद सिंह को बताया जा रहा है। गोविंद सिंह बीते 20 सालों से भीमपुर जनपद में ही पदस्थ है। ग्रामीणों का साफ आरोप है कि उसकी शह और मिलीभगत से ही प्रभारी सचिव पूरी तरह से अपनी मनमानी कर रहा है।

जौहर यूनिवर्सिटी पर फिलहाल नहीं चलेगा बुलडोजर, DM के आदेश पर लगी रोक
पेपर लीक मुद्दे पर पिघली बर्फ, सरकार और विपक्ष में बनी सहमति; कल सदन में हो सकती है चर्चा
'पंजाब को शिक्षा में नंबर 1 बनाया', केजरीवाल का भाजपा पर तीखा हमला, पेपर लीक पर भी दिया जवाब
राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को चेतावनी, कहा- पीओके के अलावा किसी मुद्दे पर नहीं होगी बात
फर्जी रोमन थिएटर का 10 साल तक चलता रहा खेल, हजारों रुपये वसूलने के बाद ऐसे खुली पोल