Procurement Registration Scam: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। समर्थन मूल्य पर की जा रही गेहूं और चने की खरीदी के पूर्व किए गए पंजीयन में कुछ समितियों द्वारा अलग-अलग किसानों के खसरा लगाकर पंजीयन करवाने का मामला उजागर हुआ है। भैंसदेही स्थित पूर्णा विपणन सहकारी समिति भैंसदेही में समिति प्रबंधक और ऑपरेटर द्वारा की गई धांधली उजागर हुई है। कम्प्यूटर ऑपरेटर द्वारा पंजीयन के समय सहदेव गीद के पंजीयन में साहेबराव पुत्र रामजी की जमीन का भी चना बेचने पंजीयन कर दिया हैं। गुलाब राठौर के पंजीयन में प्रयाग, रंजना और गुलाब कुंभारे की जमीन के खसरे जोड़कर गेहूं बेचने पंजीयन कर दिया गया है। इस धांधली से वास्तविक किसान गेहूं नहीं बेच पाए, वहीं कम्प्यूटर ऑपरेटर से मिलीभगत कर व्यापारियों ने दूसरों की जमीन का भी स्वयं के नाम पर पंजीयन करवा लिया है। इस समिति के सभी पंजीयन की बारीकी से जांच हो तो बड़ा खुलासा और कई गड़बड़िया सामने आ सकती है।

पूर्णा विपणन सहकारी समिति भैंसदेही द्वारा ३ मई को रात्रि ८.३४ बजे किसान गुलाब राठौर पिता बाबूलाल राठौर का समर्थन मूल्य पर गेहूं, चना और सरसो बेचने पंजीयन किया गया। जिसका किसान कोड २२२३१००११५९० है। इस पंजीयन में गुलाब राठौर की भैंसदेही स्थित खसरा नंबर ७९३/२/२ और ७९३/५ में गेहूं, चिल्कापुर स्थित खसरा नंबर १३/२ में चना और पोहर स्थित खसरा नंबर २०८/३ और २०८/२ में सरसो के लिए पंजीयन करवाया है। गुलाब राठौर के इसी पंजीयन में पटवारी हल्का नंबर ७३ के खसरा नंबर १३७/२ को भी जोड़ा गया है। जमीन प्रयास पुत्र बाबूराव कुंबी, रंजना पति उमेश, अशोक कुंभारे पुत्र बाबूराव कुंभारे के नाम दर्ज है। इसके बावजूद उनकी भूमि में गेहूं बेचने पंजीयन कर दिया गया है।

इसका मामला सहदेव गीद पिता नत्थू गीद चिल्कापुर के पंजीयन का है। उक्त पंजीयन भी ३ मई को रात्रि ९.०९ बजे किया जिसका किसान कोड नं. २२२३१००२३८१९ है। इस पंजीयन में सहदेव और उनके परिवार के पांच रकबे जोड़े गए हैं। इसमें सहदेव के साथ ही ग्राम चिल्कापुर स्थित किसान साहेबराव पुत्र रामजी कुंबी की ग्राम चिल्कापुर में स्थित खसरा नंबर १०/५ की भूमि पर स्वयं के नाम से चना बेचने पंजीयन करवाया है। जबकि उक्त भूमि दूसरे किसान की है। यदि सहदेव ने ठेका भी लिया हो तो सिकमी किसान के नाम पर साहेबराव की स्वीकृति के बाद पंजीयन करवाना था।

यह दो मामले तो सिर्फ उदाहरण है। क्षेत्र के किसानों ने आरोप लगाया कि पूर्णा विपणन सहकारी समिति के प्रबंधक राजा जैन ने अपने ही भतीजे आकाश जैन को कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्य में रख लिया है। दोनों मिलकर क्षेत्र के अनाज व्यापारियों से मिलीभगत कर जमकर भ्रष्टाचार कर किसी के भी खसरा किसी के भी नाम लगाकर  पंजीयन कर देते हैं। गेहूं पंजीयन के अंतिम दिन लगभग ५ सैकड़ा किसानों के पंजीयन फार्म वापस लौटा कर मिलीभगत वाले व्यापारियों के पंजीयन कर दिए गए। यदि समिति के सभी पंजीयन की बारीकी से जांच हो जाए तो और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। वर्तमान में समर्थन मूल्य पर मूंग बेचने चल रहे पंजीयन में भी इसी प्रकार का भ्रष्टाचार किया जा रहा है। किसानों ने समिति द्वारा किए गए पंजीयन की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है।