Chana Procurement Controversy: भीमपुर समिति प्रबंधक का कमाल! 65 किमी दूर दामजीपुरा में हथियाई चना खरीदी
Chana Procurement Controversy: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। बहुद्देशीय सहकारी साख समिति मर्या. भीमपुर के समिति प्रबंधक का ऐसा जलवा है कि भीमपुर से ६५ किलोमीटर दूर ग्राम दामजीपुरा में चना खरीदने भीमपुर समिति को एजेंसी बनवा ली गई। जबकि ग्राम दामजीपुरा में ही प्राथमिक सहकारी समिति कार्यरत है। दामजीपुरा से लगभग ३० किलोमीटर दूर प्राथमिक सहकारी समिति चिल्लौर भी है। इसके बावजूद समर्थन मूल्य पर चना खरीदने न तो दामजीपुरा समिति को और ना ही भीमपुर समिति को खरीदी का कार्य दिया गया। ६५ किलोमीटर दूर भीमपुर समिति को चना खरीदी का कार्य देना कतई गले से नहीं उतर रहा है।
वह भी उस स्थिति में जब भीमपुर समिति का एक खरीदी केन्द्र दो किलोमीटर दूर ग्राम हिड़ली में भी बनाया गया था। इसके बावजूद भीमपुर समिति के राजनैतिक संरक्षण प्राप्त समिति प्रबंधक ने नियम कायदों को दरकिनार और वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह कर ऐसा जाल बुना कि दामजीपुरा में स्वयं के वेयर हाउस में बने खरीदी केन्द्र का काम हथिया लिया। इसके लिए भीमपुर समिति से अपने अधीनस्थ एवं विश्वसनीय कर्मचारियों को ६५ किलोमीटर दूर दामजीपुरा भेजकर खरीदी करवाई गई।
दामजीपुरा-चिल्लौर समिति को नहीं दिया खरीदी कार्य
भीमपुर ब्लॉक के अंतिम छोर पर बसे दामजीपुरा में चना उपार्जन करने भीमपुर समिति प्रबंधक नरेन्द्र आर्य की पत्नी ममता आर्य के नाम से संचालित बालाजी वेयर हाउस को खरीदी केन्द्र बनाया गया था। दामजीपुरा में प्राथमिक सहकारी समिति होने के बावजूद उसे खरीदी का कार्य नहीं दिया गया। चर्चा है कि दामजीपुरा समिति प्रबंधक मदन परते पर दबाव डालकर उनसे लिखवा लिया गया कि वे चना खरीदी नहीं कर सकते हैं। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि जिले में कर्मचारियों की मर्जी से काम करवाया जाता है। अधिकारियों और प्रशासन का कोई दबाव ही नहीं है कि कर्मचारी ने लिखकर दिया और उसे स्वीकार भी कर लिया गया। दामजीपुरा समिति प्रबंधक के मना करने के बाद ३० किलोमीटर दूर चिल्लौर समिति से खरीदी करवाना था, लेकिन उसे मौका दिए बिना ६५ किलोमीटर दूर भीमपुर समिति को चना खरीदी का कार्य देना अधिकारियों की मिलीभगत दर्शाता है।
भीमपुर समिति ने दो स्थानों पर की खरीदी
भीमपुर समिति प्रबंधक नरेन्द्र आर्य की दबंगई का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दामजीपुरा और चिल्लौर समिति को किसी भी खरीदी केन्द्र का कार्य नहीं दिया गया। वहीं भीमपुर समिति द्वारा दो केन्द्रों पर चना की खरीदी की गई। भीमपुर समिति ने भीमपुर से दो किलोमीटर दूर ग्राम हिड़ली के रामा वेयर हाऊस में बनाए गए खरीदी केन्द्र में चना की खरीदी की वहीं इसी समिति को ६५ किलोमीटर दूर ग्राम दामजीपुरा में प्रबंधक की पत्नी के नाम से संचालित बालाजी वेयर हाउस में भी चना खरीदी का काम दे दिया गया।
गेहूं की खरीदी कर रही दामजीपुरा समिति
दामजीपुरा समिति के प्रबंधक द्वारा भले ही चना खरीदी से इंकार करने का पत्र लिख दिया हो, लेकिन चना से अधिक आवक होने वाले गेहूं का उपार्जन कार्य किया जा रहा है। गेहूं का उपार्जन दामजीपुरा समिति द्वारा दामजीपुरा के ही दूसरे वेयर हाउस में किया जा रहा है। इससे साफ जाहिर होता है कि दामजीपुरा समिति को चना खरीदी से दूर रखने साजिश रचकर उनसे पत्र लिखवाया गया है।
कलेक्टर निष्पक्ष जांच करवाएं तो होगा खुलासा
भीमपुर समिति को ६५ किलोमीटर दूर दामजीपुरा खरीदी केन्द्र में चना उपार्जन का कार्य देने के मामले में कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवणे निष्पक्ष जांच करवाएं तो भीमपुर समिति प्रबंधक द्वारा चना खरीदी हथियाने अपनाएं गए हथकंडे का खुलासा हो सकता है। जिले में शायद भीमपुर समिति ही एकमात्र ऐसी समिति है जिसे चना की खरीदी करने दो केन्द्रों की जिम्मेदारी दी गई है। निष्पक्ष जांच में अधिकारियों की मिलीभगत का भी खुलासा हो सकता है।

Betul Air Force Candidate Death: एयरफोर्स ज्वाइनिंग से एक दिन पहले युवक की मौत, कुएं में मिला शव, सड़क पर उतरे ग्रामीण
Madhya Pradesh Bus Strike: 7 अगस्त तक सरकार को अल्टीमेटम, नहीं मानी मांगें तो थम जाएंगे बसों के पहिए