कंगना रनौत के गढ़ में बागी उम्मीदवार का जोर, कांग्रेस भी पीछे रह गई
मुंबई। हिमाचल प्रदेश के पंचायत चुनावों में मंडी जिले के भांबला जिला परिषद वार्ड का चुनावी नतीजा इस समय राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है। मंडी से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद और प्रसिद्ध अभिनेत्री कंगना रनौत के गृह क्षेत्र भांबला में भाजपा को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। हालांकि, इस परिणाम से मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को भी कोई खास खुशी नहीं मिली है, क्योंकि इस सीट पर बाजी भाजपा की ही एक बागी उम्मीदवार ने मारी है।
भांबला वार्ड से निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरीं बागी उम्मीदवार अभिलाषा ठाकुर ने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए शानदार जीत हासिल की है। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही प्रमुख दलों के आधिकारिक तौर पर समर्थित प्रत्याशियों को काफी पीछे छोड़ दिया, जिसके बाद इसे इन पंचायत चुनावों के सबसे अप्रत्याशित और दिलचस्प नतीजों में गिना जा रहा है।
जानलेवा हमले के बाद मिली सहानुभूति और जीत
अभिलाषा ठाकुर की यह जीत इसलिए भी खबरों में बनी हुई है क्योंकि चुनाव प्रचार के आखिरी दिनों में उन पर एक कथित जानलेवा हमला हुआ था। मिली जानकारी के अनुसार, मतदान से ठीक कुछ दिन पहले जब वे प्रचार करके लौट रही थीं, तब खुडला गांव के पास कुछ अज्ञात लोगों ने उनकी गाड़ी को रोककर उन पर पत्थरों और चाकू से हमला करने की कोशिश की थी। इस हिंसक घटना में उनके सिर पर गंभीर चोट आई थी और उनकी गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसके बाद उन्हें बलद्वाड़ा अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इस घटना के बाद इलाके का सियासी माहौल पूरी तरह गर्मा गया था और परिवार ने इसे एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश बताया था।
आंकड़ों में विरोधियों को दी शिकस्त
चुनावी नतीजों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अभिलाषा ठाकुर ने कुल 6,142 वोट हासिल कर एक मजबूत जीत दर्ज की। उनके मुकाबले भाजपा की आधिकारिक उम्मीदवार कल्पना देवी 4,900 वोटों के साथ दूसरे पायदान पर रहीं, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी राज कुमारी को केवल 3,560 वोटों से ही संतोष करना पड़ा और वे तीसरे स्थान पर रहीं। इसके अलावा एक अन्य उम्मीदवार रिंकू को 2,145 मत मिले। इस पूरे वार्ड में कुल 16,747 वैध वोट डाले गए थे, जिनमें से 245 वोट अमान्य पाए गए और 145 लोगों ने किसी भी उम्मीदवार को पसंद न करते हुए 'नोटा' का बटन दबाया।
प्रतिष्ठा की लड़ाई में मुख्य दल पिछड़े
चूंकि भांबला वार्ड सीधे तौर पर मंडी संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है और सांसद कंगना रनौत का पैतृक निवास स्थान है, इसलिए इस सीट पर राज्य के सभी बड़े राजनेताओं की नजरें टिकी हुई थीं। भाजपा के लिए इस सीट को बचाना साख का सवाल बन चुका था, लेकिन पार्टी के भीतर मचे आंतरिक कलह और बगावत ने खेल बिगाड़ दिया। दूसरी ओर, कांग्रेस भी सत्ताधारी दल की इस कमजोरी का फायदा उठाने में नाकाम रही, जिससे साफ हो गया कि स्थानीय जनता ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एक संघर्षशील चेहरे को अपना समर्थन दिया है।

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