Betul Electric Crematorium: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। शहर के कोठीबाजार मोक्षधाम में कोरोना काल के समय शुरू हुई विद्युत शव दाह गृह शुरू करने की कोशिशें आज तक परवान नहीं चढ़ सकी हैं। करीब 50 लाख रुपये के इस प्रोजेक्ट का काम ही आज तक पूरा नहीं हो पाया है। वहीं कई बार यह आधा अधूरा विद्युत शव दाह गृह चोरी का शिकार जरुर हो चुका है। इसका काम पूरा कर इसे जल्द चालू करने की सुध नगर पालिका के द्वारा नहीं ली जा रही है। 

कोरोना काल में जब मोक्षधाम में थोकबंद शव पहुंच रहे थे, उस समय बैतूल में भी विद्युत शव दाह गृह शुरू करने की जरुरत महसूस हुई थी। यहां लगातार पहुंच रहे शवों का दहन करने के लिए लकड़ियों तक का टोटा पड़ने लगा था। यही कारण है कि विद्युत शव दाह गृह शुरू करने की योजना बनाई गई थी। वैसे भी अब अधिकांश शहरों में विद्युत शव दाह गृह शुरू हो चुके हैं। इससे शवों का दहन करने के लिए उपयोग होने वाली लकड़ियों की बचत होती है, जिससे पर्यावरण भी प्रदूषित होने से बचता है। इसके अलावा शव का दहन करने में समय भी कम लगता है। यही कारण है कि विद्युत शव दाह गृह की योजना को मूर्त रूप देने के प्रयास उसी समय शुरू हो गए थे। 

करीब 50 लाख रुपये हुए हैं खर्च 

विद्युत शव दाह गृह के लिए भवन बनाने और इसके लिए आवश्यक उपकरणों पर नगर पालिका द्वारा लगभग 50 लाख खर्च किए गए हैं। यह बात अलग है कि इसका काम आज तक भी पूरा नहीं हो पाया है। वैसे बताया जाता है कि इसमें कुछ खास काम नहीं बचा है, लेकिन इसे पूरा करवा कर जल्द शुरू करने के कोई प्रयास ही नहीं किए जा रहे हैं। 

कई बार हो चुकी चोरी की घटना 

काम पूरा होकर यह शुरू भी नहीं हो सका है। ऐसे में इसकी चौकीदारी और देखरेख पर किसी का कोई ध्यान भी नहीं है। यही कारण है कि यहां लगे कीमती उपकरण चोरों के लिए सॉफ्ट टारगेट रहते हैं। मौका मिलते ही वे यहां पर हाथ साफ कर डालते हैं। यहां कई बार चोरी की घटनाएं भी हो चुकी है। जिससे तगड़ा नुकसान भी उठाना पड़ चुका है। 

कौन करेगा संचालन, यही तय नहीं 

सबसे बड़ी बात यह है कि अभी तक इस शव दाह गृह का संचालन कौन करेगा, यही तय नहीं है। नगर पालिका की सोच है कि मोक्षधाम समिति द्वारा यह कार्य किया जाएगा जबकि समिति पदाधिकारियों का कहना है कि मोक्षधाम नगर पालिका के स्वामित्व में आते हैं। इसलिए इसका संचालन भी नगर पालिका ही करेगी। समिति का काम तो सामान्य व्यवस्थाओं भर का है। 

कम खर्च में हो सकेगा शवों का दहन

इधर नगरवासी चाहते हैं कि सभी तरह के भ्रमों को दूर कर जल्द यह विद्युत शव दाह गृह शुरू किया जाए। इससे जहां कम खर्च और कम समय में शवों का दहन हो सकेगा, वहीं दूसरी ओर लकड़ी की मांग में भी भारी कमी आ सकेगी। इसके अलावा पर्यावरण को भी इससे खासा लाभ हो सकेगा। लोगों ने जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों से भी इसे जल्द शुरू किए जाने की मांग की है। यह शुरू होने पर इसकी देखरेख भी हो सकेगी, जिससे कि चोरी जैसी घटनाओं से भी बचा जा सकेगा।