Illegal Fishing Current Death: बैतूल (राष्ट्रीय जनादेश)। जिले के चोपना थाना क्षेत्र में करंट लगाकर मछली पकड़ने के लिए एक तालाब में बिजली के तार छोड़ दिए गए थे। इससे करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। इस मामले को हादसे का रूप देने की भी पूरी कोशिशें की गईं। हालांकि पुलिस ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 

पुलिस ने बताया कि 7 मई को थाना चोपना के अंतर्गत आने वाले ग्राम झोली 1 एवं झोली 2 के मध्य स्थित तालाब में आरोपी शिवा शाह, विशाल मण्डल और बंटी उर्फ सूरज अवैध रूप से बांस की लकड़ी में बिजली का तार लपेटकर पानी में करंट प्रवाहित कर मछली पकड़ रहे थे। इसी दौरान वहां मौजूद 20 वर्षीय युवक रूपेश पिता परितोष मालाकार को पानी में फैले तेज करंट का झटका लग गया, जिससे वह बेहोश हो गया और अस्पताल ले जाते समय उसकी मृत्यु हो गई। 

अपराध छिपाने का किया प्रयास

आरोपियों ने अपने इस गंभीर कृत्य को छिपाने के उद्देश्य से मृतक के पिता और शाहपुर अस्पताल के डॉक्टरों को गुमराह किया। उन्होंने झूठी कहानी गढ़ी कि रूपेश की मौत ऊंचाई से पानी में गिरने के कारण सीने में लगी अंदरूनी चोट हुई है। इधर पुलिस द्वारा की गई मर्ग जांच, चश्मदीद गवाहों के बयानों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट (जिसमें डॉक्टर द्वारा मृत्यु का कारण इलेक्ट्रोक्यूशन/करंट लगना बताया गया) के आधार पर आरोपियों का झूठ बेनकाब हो गया। 

गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन 

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए थाना प्रभारी रवि शाक्य के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम के सदस्यों उपनिरीक्षक ओमप्रकाश यादव, प्रधान आरक्षक बसंत मर्सकोले, आरक्षक कमलेश, आरक्षक प्रवेश एवं आरक्षक राहुल द्वारा तत्परता से साक्ष्य संकलन करते हुए आज तीनों नामजद आरोपियों को धरदबोचा गया। 

इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

चोपना पुलिस ने इस मामले में शिवा पिता संजीत शाह (उम्र 33 वर्ष) निवासी ग्राम झोली नंबर-2, विशाल पिता महादेव मण्डल (उम्र 22 वर्ष) निवासी ग्राम झोली नंबर-2 और बंटी उर्फ सूरज पिता संजीत शाह (उम्र 21 वर्ष) निवासी ग्राम झोली नंबर-2 को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के विरुद्ध धारा 105, 238, 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है। 

10 वर्ष की कड़ी सजा का प्रावधान

इस तरह का कृत्य करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया जाता है, जो कि एक गंभीर गैर-जमानती अपराध है। इसमें 10 वर्ष तक के कठोर कारावास व जुर्माने का कानूनी प्रावधान है।