बकरीद पर सुरक्षा और सफाई व्यवस्था के लिए प्रशासन ने किए खास इंतजाम
लखनऊ। राजधानी लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में त्याग और समर्पण का प्रतीक पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) कल बृहस्पतिवार को पूरी धार्मिक आस्था और अकीदत के साथ मनाया जाएगा। त्योहार के मद्देनजर इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया और ऐशबाग ईदगाह प्रबंधन द्वारा बुधवार देर शाम तक सभी आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। इस बार भी ईदगाह परिसर के भीतर महिला नमाजियों के लिए इबादत करने की विशेष और पृथक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
देश में खुशहाली और भीषण गर्मी से निजात के लिए होगी विशेष दुआ
ऐशबाग ईदगाह के इमाम और वरिष्ठ धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि ईदगाह परिसर में सुबह 9:00 बजे धार्मिक तकरीर (प्रवचन) की शुरुआत होगी, जिसके ठीक बाद सुबह 10:00 बजे ईद-उल-अजहा की मुख्य नमाज अदा की जाएगी। इस दौरान देश में सुख-समृद्धि, आपसी भाईचारा, राष्ट्रीय एकता और वर्तमान में उत्तर भारत में पड़ रही रिकॉर्डतोड़ भीषण गर्मी व लू से आम जनता को राहत मिलने के लिए मन्नतें मांगी जाएंगी। उन्होंने अकीदतमंदों से अपील की है कि नमाज मुकम्मल होने के बाद 'खुतबा' सुनना आवश्यक (वाजिब) होता है, इसलिए सभी लोग अनुशासन और अदब के साथ बैठकर इसे सुनें।
ऐतिहासिक आसिफी मस्जिद में सुबह 11 बजे जुटेंगे शिया नमाजी
दूसरी ओर, शिया समुदाय के रोजेदार और अकीदतमंद बड़ा इमामबाड़ा परिसर में स्थित ऐतिहासिक आसिफी मस्जिद में सुबह 11:00 बजे बकरीद की सामूहिक नमाज अदा करेंगे। यहाँ मुख्य नमाज की कमान मौलाना रजा हैदर जैदी संभालेंगे। शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने सभी मतावलंबियों से निर्धारित समय पर मस्जिद प्रांगण पहुंचकर नमाज में शामिल होने का आह्वान किया है। इसके साथ ही, सुन्नी धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद ने स्पष्ट किया कि कुर्बानी की यह रस्म आगामी 30 मई तक जारी रहेगी। उन्होंने समुदाय से विशेष आग्रह किया है कि सार्वजनिक या खुले स्थानों पर कुर्बानी बिल्कुल न करें और स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइन का अक्षरशः पालन करें।
प्रतिबंधित पशुओं की बलि रोकने के लिए सरकार मुस्तैद, जिलों में अलर्ट
इस बार गंगा दशहरा और ईद-उल-अजहा के त्योहार एक ही कालखंड में होने के कारण उत्तर प्रदेश सरकार ने कानून व्यवस्था और स्वच्छता बनाए रखने के लिए कमर कस ली है। राज्य सरकार ने सभी जिलों के कप्तानों और जिलाधिकारियों (डीएम) को खुले या अवैध स्थानों पर पशुवध रोकने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। उत्तर प्रदेश के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की विशेष सचिव नीरजा सक्सेना द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि पर्व के दौरान किसी भी संवेदनशील क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वैध स्लॉटर हाउसों की होगी औचक जांच, क्षमता से अधिक काम करने पर रोक
शासनादेश के मुताबिक, प्रदेश के सभी संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले जिलों में प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस कप्तानों के नेतृत्व में विशेष फ्लाइंग स्क्वाड (उड़न दस्तों) का गठन किया गया है। ये टीमें अवैध वधशालाओं पर नजर रखेंगी और गुप्त सूचनाओं के आधार पर तत्काल छापेमारी करेंगी। शासन ने यह भी साफ कर दिया है कि जो बूचड़खाने (स्लॉटर हाउस) सरकारी लाइसेंस प्राप्त हैं, उन पर भी सीसीटीवी और प्रशासनिक अमले के जरिए पैनी नजर रखी जाएगी, ताकि वे अपनी निर्धारित क्षमता से अधिक संचालन न कर सकें और पर्यावरण व स्वच्छता के मानकों का कोई उल्लंघन न हो।

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